अब राजनीतिक दलों को चाहिये परचेस मेनेजर (अश्‍व विशेषज्ञ)

पिछले कुछ महीनों से करोना महामारी ने लाखों लोगों से रोजगार छीने, लेकिन अब अनलॉक होते देश में या कहें कि अनेक प्रदेशों में चल रही राजनीतिक उठापटक ने कई नये रोजगार के अवसर भी निर्मित किये हैं । अब देखिये ना कि हमारे प्रदेश के एक बड़े अखबार में कल एक बड़ा सा विज्ञापन छपा जिसमें परचेस मैनेजर (अश्‍व विशेषज्ञ), इलेक्ट्रॉनिक- कम्युनिकेशन इंजीनियर तथा डायलॉग राइटर के साथ मेकअप आर्टिस्ट जैसे पद थे । विशेष बात यह कि विज्ञापन एक बड़े राजनीतिक दल का था । हमें आश्‍चर्य हुआ कि भला एक राजनीतिक दल को इन लोगों की क्या जरूरत ? हमारे भीतर बैठा लेखक कुलबुलाने लगा इसे जानने व समझने के लिये सो हमने भी परचेस मैनेजर (अश्‍व विशेषज्ञ) के पद के लिये आवेदन कर दिया साथ ही अश्‍वों अर्थात देशी-विदेशी नस्लों के घोड़ों व विशेषकर अरबी घोड़ों के बारे में नेट पर पढ़ना प्रारंभ कर दिया ताकि हम साक्षात्कार के लिये बुलाये जाने पर वहाँ ढंग-ढांग के जवाब दे सकें ।

हमें साक्षात्कार के लिये बुलावा भी आ गया तथा नियत तिथि को हम उस प्रसिद्ध दल के दफ्तर में पहुँच गये । दल का दफ्तर किसी कार्पोरेट ऑफिस से कम न था । लाऊंज में किसम-किसम के अभ्यर्थी यानि नौजवान व हमारी तरह बुजुर्गवार भी सूट से लेकर धोती-कुर्ते तक की पोषाख में उपस्थित थे । जाहिर है कि चार लोग जमा होंगे वहाँ आपस में चर्चा भी शुरू हो ही जायेगी सो हम अभ्यर्थियों में भी सामान्य चर्चा शुरू हो गई ।

हमारी तरह कुछ लोग परचेस मैनेजर की पोस्ट के लिये आए थे सो हमने अपने घोड़ों के ज्ञान में इजाफा करने की गरज से अरबी घोड़ों की नस्ल की बात करते हुए उनके साथ बात शुरू की तब वहाँ मौजूद अऩ्य अभ्यर्थी हमारी तरफ इस तरह देखने लगे मानों हम अजायबघर से आए हो । एक स्मार्ट युवा हँसते हुए बोला, अंकल यहाँ उन घोड़ों के विशेषज्ञ की जरूरत नहीं है, यहाँ तो ….. कभी हॉर्स ट्रेडिंग के बारे में सुने हो, जो फिलहाल अनेक प्रदेश में चल रही है ?

ओ तेरी अब जाकर सारा माजरा हमारे कूड़ मगज में आया कि ये उन (आप भी समझ गये ना ) अश्‍वों को खरीदने के लिए मोलभाव करने वाले मैनेजर चाहते हैं जो इनके लिए वाजिब दामों पर वांछित बढ़िया व टिकाऊ अश्‍व खरीद सकें ।

अब जाकर हमारे सीधे-साधे मगज में बात आई कि फोन टेप करने के लिये टेलीेकम्युनिकेशन इंजीनियर की तथा खानदानों की बखिया उधेड़ने के लिये जो तरह- तरह के मेसेज व फोटो शॉप्ड, फोटो नेटवर्किंग साईट्स पर अपलोड़ किये जाते हैं उनके लिये अब आई टी सेल, हमारे देश के दल-दलों के लिए अत्यावश्यक ही हैं सो डायलॉग राईटर व इलेक्ट्रॉनिक-टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर की आवश्यकता तो होगी ही होगी ।

हालांकि इतना समझने-बूझने के बाद भी मेकअप आर्टिस्ट की बात हमारी समझ में नही आ रही थी सो वहाँ बैठे मेकअप आर्टिस्ट पद के अभ्यर्थियों के पास भी हम जा पहुँचे तथा उनसे बातचीत में हमें उनकी कलाकारी के बारे में पता चला कि वे किसी भी पचपन साल के नेता या नेत्री को युवा दिखने के लिये मेकअप कर सकते हैं साथ ही वक्त जरूरत नाना जैसी नाक या मामा जैसे बाल भी मेकअप के द्वारा बना सकते हैं ।  

हमारा साक्षात्कार एक बुजुर्ग नेताजी ने लिया तथा मिनटों में ही हमें चलता कर दिया जाहिर है कि परचेस मैनेजर के पद के लिए हम योग्य साबित नहीं हुए और होते भी कैसे क्योंकि हमारी श्रीमती जी का ही हमारे बारे में साफ मत है कि हम आलू-प्याज या धनिया-मिर्च खरीदने में ही सब्जीवाले भैय्या से ठगा जाते हैं तो जाहिर है कि अश्‍वों की खरीद हम भला कैसे कर पाते ।    

-राजेन्द्र वामन काटदरे

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY