कांग्रेस का हनुमान चालीसा पाठ और भाजपा शबरी, निषाद को भुनाने की जुगत में

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अयोध्या में 5 अगस्त को राम मंदिर के भूमि पूजन से पहले प्रदेश में राजनीति भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं के राम मंदिर निर्माण के समर्थन में सामने आने के साथ ही भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर जुबानी हमले तेज कर दिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने मंदिर निर्माण के समर्थन में अपने ट्वीट में लिखा है कि मैं अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का स्वागत करता हूं। देशवासियों को इसकी बहुत दिनों से अपेक्षा और आकांक्षा थी। राम मंदिर का निर्माण हर भारतवासी की सहमति से हो रहा है ये सिर्फ भारत में ही संभव है।

दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि हम सबकी आकांक्षा है कि जल्दी से जल्दी अयोध्या में एक भव्य मंदिर राम जन्मभूमि पर बने और रामलला वहां बिराजें, स्व.राजीव गांधी यही चाहते थे। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि हमारी आस्था के केंद्र भगवान राम ही हैं! और आज समूचा देश भी राम भरोसे चल रहा है। कमलनाथ ने राम मंदिर भूमि पूजन से एक दिन पहले राजधानी भोपाल में अपने निवास पर 4 अगस्त को हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया है। उन्होंने इसके साथ ही यह भी तय किया है कि कांग्रेस के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं के घरों तथा नजदीकी मंदिरों में हनुमान चालीसा का पाठ होगा। कमलनाथ की सोच है कि भाजपा ने राम मंदिर निर्माण का श्रेय लेने के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम को भाजपा का आयोजन बना दिया है। निकट भविष्य में होने वाले 27 विधानसभा उपचुनावों में भाजपा इसे भुना सकती है इसलिए उन्होंने एक दिन पहले ही हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन करने का फैसला किया। ऐसा करके वह यह संदेश देना चाहते हैं कि हमारी भी हिंदू धर्म में पूरी आस्था है और कांग्रेस भी राम मंदिर निर्माण के पक्ष में है। वैसे कमलनाथ हनुमान भक्त हैं। कांग्रेस अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा का कहना है कि प्रदेश की खुशहाली, शांति और कोरोना महामारी से मुक्ति के लिए यह आयोजन किया जा रहा है। कांग्रेस के इस आयोजन से भाजपा के पेट में दर्द क्यों हो रहा है?

प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने प्रतिक्रिया में कहा कि दिग्विजय सिंह जब बोलते हैं उल्टा ही बोलते हैं, लेकिन कांग्रेस ने कम से कम राम का नाम तो लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कारण राम मंदिर निर्माण लेट हुआ है। भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने तंज करते हुए कहाकि भगवान श्रीराम का मंदिर बनाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस नेताओं को अपने कलेजे पर पत्थर रखना पड़ा है। वे तो राम के अस्तित्व को ही नकारते रहे हैं रामसेतु को झुठलाते रहे हैं। अब वे निर्माण का समर्थन भी ठीक-ठीक शब्दों में नहीं कर पा रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने हनुमान चालीसा पाठ के आयोजन पर कहा कि कमलनाथ द्वारा 4 अगस्त को अपने निज निवास पर आयोजित हनुमान चालीसा का कार्यक्रम निजी कार्यक्रम है। वह हमेशा से अध्यात्म को भारत की शक्ति मानते रहे हैं, इसलिए उन्होंने धार्मिक विभाग को बदल कर आध्यात्मिक विभाग बनाया। महाकाल परिसर के विकास के लिए 300 करोड़ की योजना, ओंकारेश्‍वर और महेश्‍वर के विकास के लिए योजना, रामराजा मंदिर में नमस्ते ओरछा और राम वन गमन पथ निर्माण का संकल्प उनके व्यक्तित्व के आध्यात्मिक पक्ष को उजागर करता है। जो लोग धर्म पर कब्जा करना चाहते हैं वे ही दूसरे लोगों की आस्था और अनुभूतियों से विचलित होते हैं। भाजपा को परेशान होने की बजाय प्रभु की आस्था में संलग्न इस कार्यक्रम की प्रशंसा करनी चाहिये।

निकट भविष्य में प्रदेश में होने वाले 27 विधानसभा उपचुनावों की दृष्टि से भाजपा समाजों के वोटों में सेंध लगाकर उन्हें अपने पाले में मजबूती से खड़ा करने के उद्देश्य से शबरी, निषाद और देवी अहिल्या को लेकर आयोजन करने की योजना बना रही है। भाजपा विभिन्न जाति और समाज के लोगों को पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में लाने के लिए सिलसिलेवार कार्यक्रम तैयार कर रही है। ऐसा समझा जाता है कि देवी अहिल्या के जरिए वह मराठी समाज में अपनी पैठ बढ़ाना चाह रही है। ग्वालियर चंबल और इंदौर संभाग में मराठी समाज बहुतायत में है। इसी प्रकार ग्वालियर-चंबल संभाग में शबरी और निषाद में आस्था रखने वाले लोगों की बड़ी संख्या है ।

और अंत में……….

प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर राजनीति तेज होती जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इसको लेकर शिवराज की घेराबंदी करने के उद्देश्य से एक पत्र लिखा था जिस के उत्तर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार करते हुए कहा कि जब जरुरत थी तो काम नहीं किया और अब पत्र लिखकर भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने लापरवाही बरती है और 8 माह तक कांग्रेस शासन में कोर्ट में जवाब तक पेश नहीं किया गया। इसका उत्तर देते हुए प्रदेश कांग्रेस द्वारा ग्वालियर-चंबल संभाग के लिए नियुक्त मुख्य प्रवक्ता के.के. मिश्रा तथा प्रदेश प्रवक्ता विभा पटेल एवं ओबीसी आरक्षण को लेकर हाईकोर्ट में पैरवी करने वाले अधिवक्ता रामेश्‍वर सिंह ठाकुर ने संयुक्त बयान में आरोप लगाया है कि शिवराज नहीं चाहते कि प्रदेश में पिछड़ों को 27% आरक्षण मिले और 13 साल तक जब प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे तब कोर्ट में जवाब देने अधिवक्ता तक नियुक्त नहीं किया।

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