कानपुर एनकांउटर: आरोपी विकास दुबे अब भी फरार, नौकर का खुलासा – दबिश के पहले आया था पुलिस का फोन

यूपी के कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिसकर्मियों की मौत की घटना के बाद अब भी मुख्य आरोपी विकास दुबे फरार है। हालांकि पुलिस विकास दुबे के नौकर दया शंकर अग्निहोत्री को गिरफ्तार कर अन्य स्थानों पर छापेमारी कर रही है। दयाशंकर ने पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे किए है। नौकर ने बताया कि पुलिस ने ही विकास दुबे को दबिश की सूचना दी थी। सूचना के बाद विकास ने अपने असलहाधारी साथियों को बुला लिया था। इसके बाद ही असलहों का जखीरा इकट्ठा किया गया। दयाशंकर ने बताया कि मेरी बंदूक छीन कर विकास दुबे ने पुलिसकर्मियों पर गोलियां चलाई थी। दयाशंकर विकास दुबे के घर की नौकरानी रेखा का पति है, और विकास के साथ असलाधारी के रूप में रहता है। फिलहाल पुलिस दयाशंकर से पूछताछ में जुटी है और विकास दुबे की तलाश कर रही है। इस मामले चौबेपुर थाना और आस-पास के थाने के सभी पुलिसकर्मी जांच के दायरे में हैं। इस घटना ने पूरे पुलिस सिस्टम को उजागर कर दिया है। आरोपियों को पुलिस संरक्षण का यह पहला मामला नहीं है।

पुलिस ने 50 से अधिक करीबियों को हिरासत में लिया
विकास दुबे की तलाश में अब तक 100 से अधिक स्थानों पर दबिश दी जा चुकी है। पड़ोसी राज्य राजस्थान और मध्यप्रदेश में तलाश की जा रही है। पुलिस और एसटीएफ पूर्वी व पश्‍चिमी यूपी के कई जिलों में लगातार छापे मार रही है। विकास के 50 से अधिक करीबियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी के मुताबिक जल्द ही विकास दुबे को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। चौबेपुर एसओ विनय तिवारी को निलंबित कर उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।

दीवार में चुनवाकर रखा था असलहा और बारूद, घर में मिला बंकर
कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया है कि विकास दुबे के घर में बंकर था, जिसमें वह हथियार छुपाकर रखता था। आईजी ने कहा कि जिस तरह कहा जाता है कि लोग सामान दीवारों में चुनवा कर रखते हैं, कुछ उसी प्रकार विकास दुबे ने दीवारों में असलहा-बारूद दबाकर रखा था। आईजी मोहित अग्रवाल ने कहा कि विकास दुबे के घर से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया गया है जिसकी विस्तृत जानकारी जल्द दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुठभेड़ के दौरान बदमाशों ने 200-300 फायर किए जिसके खोखे भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के पांच हथियार विकास दुबे और उसके गुर्गे लूट ले गए थे, जिसमें एक एके-47, एक इंसास राइफल और 3 पिस्टल शामिल हैं। इन 5 हथियारों में से एक पिस्टल पुलिस ने बरामद की है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा-सीओ के चेहरे-सीने पर सटाकर गोली मारी
कानपुर के बिकरू गांव में विकास दुबे के गुर्गों से पुलिस की हुई मुठभेड़ में नए नए खुलासे हो रहे हैं। पोस्टमार्टम के दौरान पता चला कि चार जवानों के शरीर से गोलियां आर-पार निकल गई थीं। अन्य चार जवानों के शरीर से 315 और 312 बोर के कारतूस के टुकड़े बरामद हुए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक दारोगा अनूप को सबसे ज्यादा सात गोलियां मारी गईं। वहीं सीओ देवेंद्र मिश्रा के चेहरे, सीने और पैर पर सटाकर गोली मारी गई। उनका भेजा और गर्दन का हिस्सा उड़ गया था, उनके पैर और कमर पर कुल्हाड़ी से वार के निशान थे। पुलिस के मुताबिक सिपाही जितेंद्र पाल के पैर, हाथ, सीने, कमर में पांच गोलियां मारी गई थीं। दो गोलियां आर-पार निकल गई थीं। चौकी प्रभारी अनूप सिंह को सात गोलियां मारी गई थीं। उनके सीने, पैर और बगल में गोली लगी थी। थाना प्रभारी महेश के चेहरे, पीठ और सीने पर पांच गोली और दारोगा नेबूलाल के चार गोलियां लगी थीं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक थाना प्रभारी महेश यादव, मंधना चौकी प्रभारी अनूप सिंह, दारोगा नेबूलाल और सिपाही जितेंद्र पाल के शरीर से ही गोलियां और उनके टुकड़े बरामद हुए हैं। सीओ देवेंद्र मिश्रा, सिपाही राहुल, बबलू और सुल्तान के शरीर से बुलेट नहीं मिली। सिपाही बबलू की कनपटी, चेहरे, सीने पर गोली लगी और सिपाही राहुल की पसली, कमर, कोहनी और पेट में चार गोली लगीं जो आर-पार निकल गईं। सुल्तान की कमर, कंधे व सीने पर पांच गोलियां मारी गईं। शवों से बरामद हुए कारतूस व उनके टुकड़ों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

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