देव सोने से पहले प्रदेश में जाग सकते हैं मंत्रियों के भाग्य

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने मंत्रिमंडल विस्तार के सिलसिले में वरिष्ठ भाजपा नेताओं से चर्चा करने के लिए नई दिल्ली रवाना हो गए हैं। इसके साथ ही मंत्रिमंडल विस्तार की कवायद अंतिम चरण में पहुंच गई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सांसद विष्णु दत्त शर्मा तथा महामंत्री संगठन सुहास भगत से उनकी इस संबंध में कई दौर की बातचीत पूरी हो चुकी है। हाईकमान की हरी झंडी मिल जाती है तो फिर 30 जून को विस्तार होने की संभावना है। क्योंकि 1 जुलाई से देवशयनी एकादशी देवता सो जाएंगे और सामान्यतः भाजपा अपना अधिकांश काम धार्मिक मान्यताओं को ध्यान में रखकर करती है।

मुख्यमंत्री चौहान के साथ प्रदेश अध्यक्ष शर्मा और महामंत्री संगठन भगत भी दिल्ली गए हैं। शिवराज की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन महामंत्री बीएल संतोष से अलग-अलग मुलाकात हो सकती है। प्रदेश अध्यक्ष शर्मा संगठन महामंत्री भगत के साथ जाने से यह स्पष्ट हो गया है कि इस बार मंत्रिमंडल विस्तार पर ही चर्चा होगी।

प्रस्तावित 24 विधानसभा उपचुनाव और राज्य के सियासी माहौल को देखते हुए के नए मंत्रियों के नाम और उन्हें दिए जाने वाले विभागों को लेकर भी चर्चा होगी। संकेत मिले हैं कि इस बारे में भी आलाकमान को विश्‍वास में लिया जाएगा। खासकर ज्योतिरादित्य सिंधिया  खेमे के जो मंत्री बनेंगे उनके विभागों के बारे में मुख्यमंत्री की केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और  सिंधिया के साथ चर्चा में अंतिम रूप दिया जा सकता है।

इस बार मंत्रियों के चयन में भाजपा को अधिक परेशानी का सामना इसलिए करना पड़ रहा है क्योंकि जगह कम है और भाजपा में लगभग तीन दर्जन ऐसे विधायक हैं जो मंत्री पद की योग्यता रखते हैं और उनकी दावेदारी का आधार भी पुख्ता है। सिंधिया खेमे के लगभग 11 मंत्री बनाए जाना है। अभी सिंधिया खेमे के दो ही मंत्री बने हैं। जगह सीमित होने के कारण हो सकता है कि भाजपा के कुछ नए चेहरे शामिल किए जाएं और कुछ पुराने चेहरे इस दौड़ से बाहर हो जाएं।

सिंधिया खेमे से मंत्री बनाए जाने के लिए जो नाम सामने आ रहे हैं उनमें प्रभुराम चौधरी, इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, बिसाहूलाल सिंह, ऐदल सिंह कंसाना, राज्यवर्धन सिंह  दत्तीगांव, हरदीप सिंह डंग और रणवीर जाटव शामिल है।

भाजपा  से जो दावेदार सामने आ रहे हैं उनमें आदिवासी वर्ग से विजय शाह, प्रेम सिंह पटेल, देवी सिंह सैयाम, कुंवर सिंह टेकाम के नाम शामिल है और इनमें से ही चयन होने की संभावना है। हो सकता है कि कोई नया नाम भी सामने आ जाए। अनुसूचित जाति वर्ग से हरिशंकर खटीक, देवेंद्र वर्मा और विष्णु खत्री मे से किसी को लिए जाने की संभावना है। अन्य प्रमुख दावेदारों में पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, अरविंद सिंह भदौरिया, भूपेंद्र सिंह, रामपाल सिंह, विश्‍वास सारंग, रामेश्‍वर शर्मा,  राजेंद्र शुक्ला, गिरीश गौतम, केदारनाथ शुक्ला, उषा ठाकुर, रमेश मेंदोला, पारस जैन, मोहन यादव, यशपाल  सिसोदिया, अजय विश्‍नोई, चैतन्य कश्यप, यशोधरा राजे सिंधिया, भूपेंद्र सिंह, रामकिशोर कांवरे,  राम खेलावन पटेल, भारत सिंह कुशवाहा आदि शामिल हैं। देखने वाली बात यह होगी कि आखिर इनमें से किस-किस के नाम पर हाईकमान की मुहर लगती है या इसके अलावा कोई नए नाम सामने आ सकते हैं।

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