पुलिस ने पहले मुसलमान समझकर पीटा, अब कर दी एफआईआर

जबलपुर हाईकोर्ट ने पुलिस को फटकारा, एक सप्ताह में मांगे सीसीटीवी फुटेज
सुबह सवेरे, जबलपुर/बैतूल


जिला एवं सत्र न्यायालय बैतूल में वकालत करने वाले वकील दीपक बुंदेले को पुलिस द्वारा मुसलमान समझ कर पीटा गया था। अब पीड़ित वकील के खिलाफ ही पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में मंगलवार को जबलपुर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान हाईकोर्ट ने मप्र पुलिस को जमकर फटकार लगायी। हाईकोर्ट ने एक सप्ताह के भीतर सीसीटीवी फुटेज और सभी पक्षों के बयान पेश करने के आदेश दिए हैंं। हालांकि की पुलिस ने घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज की वीडियो डिलीट होने की बात कही गई है। मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी।
दूसरी तरफ पुलिस ने आरोपी पुलिसकर्मियों पर एक्शन लेने के बजाए पीड़ित वकील के खिलाफ ही आईपीसी की धारा 188, 294 और 353 के तहत एफआईआर दर्ज की है। ध्यान देने वाली बात यह है कि पुलिस की एफआईआर हाईकोर्ट में केस दाखिल होने के 8 दिन बाद की गई है। पुलिस की तरफ से राष्ट्रीय हिन्दू सेना के तीन कार्यकर्ताओं को गवाह बनाकर पीड़ित वकील पर हाथापाई और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है।

गौरतलब है कि 23 मार्च को डाइबिटीज से पीड़ित वकील दीपक बुंदेले के साथ पुलिस ने उस वक्त मारपीट हुई थी जब वे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल जा रहे थे। बैतूल पुलिस द्वारा एफआइआर दर्ज नहीं किए जाने के बाद दीपक ने मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग, मध्यप्रदेश कोर्ट के चीफ जस्टिस, बार काउंसिल के अध्यक्ष, डीजीपी, मुख्यमंत्री, बैतूल एसपी समेत अन्य जगहों पर पत्र लिखकर मामले पर कार्रवाई करने की मांग की थी। इस मामले ने तूल तब पकड़ा जब बैतूल एएसआई बीएस पटेल का ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल हुई। तकरीबन चौदह मिनट के ऑडियो में पटेल ने कहा था कि आपकी दाढ़ी को देखकर पुलिस वालों को लगा कि आप मुसलमान हैं इसलिए उन्होंने आपको मारा। आप चाहें तो वे आपके पास आकर आपसे माफी मांगने को तैयार हैं बशर्ते आप अपना केस वापस ले लीजिए। ऑडियो के वायरल होने के बाद पटेल को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया था।

वकील के समर्थन में उतरे साहित्यकार
दीपक बुंदेले के समर्थन लेखक और साहित्यकार भी उतर आए है। मध्य प्रदेश जनवादी लेखक संघ के अध्यक्ष राजेश जोशी व प्रगतिशील लेखक संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा ने पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए दीपक बुंदेले को न्याय देने की मांग की है। संगठनों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि दीपक प्रगतिशील लेखक संघ का सदस्य भी है और जुझारू पत्रकार और वकील भी। हम पुलिस की इस गैरकानूनी कार्रवाई और कोरोना की आड़ में प्रशासन द्वारा की जा रही गुंडागर्दी की भर्त्सना करते हैं और दीपक के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए न्याय की मांग की हैं।


फर्जी एफआईआर के खिलाफ एसपी को सौंपा ज्ञापन
पीड़ित वकील दीपक बुंदेले पर पुलिस द्वारा की गई एफआईआर के खिलाफ भीम सेना, वामपंथी दल के कार्यकर्ता एसपी कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने वकील के खिलाफ फर्जी एफआईआर को तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा लॉक डाउन के दौरान की जाने वाली गुंडा गर्दी का विरोध करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

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