मप्र की जेब हरी करेगा हनुवंतिया का नीला पानी

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क्रूज पर शिवराज कैबिनेट की बैठक आज, पर्यटन विकास पर फोकस

 

पुरातात्विक, धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के लिए दुनिया भर में ख्यात मप्र ने जल पर्यटन की अपनी कमी को दूर करने की ओर कदम उठा दिया है। पहले भोपाल में वॉटर स्पोटर्स को चमका चुका मप्र अब नर्मदा के हनुवंतिया को अपना ‘सिंगापुर’ बना रहा है। हनुवंतिया का पानी समंदर के पानी की तरह एकदम साफ और नीला है। यही कारण है कि हनुवंतिया के जरिए मप्र में बिच और टापुओं की कमी को पूरा करने की कोशिशें हो रही हैं। मंगलवार को हो रही शिवराज कैबिनेट की बैठक मप्र के ‘सिंगापुर’ को पर्यटन के नक्शे पर उकेरने के प्रयत्न का ही एक हिस्सा है। बैठक का एकमात्र एजेंडा मप्र में पर्यटन का विकास ही है। यहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने मंत्रिमंडल के साथियों से न केवल पर्यटन विकास के सुझाव मांगेंगे बल्कि बैठक में पर्यटन के विकास के लंबित प्रस्तावों और छूट को कैबिनेट की स्वीकृति प्रदान की जाएगी। ताकि मप्र में पर्यटन से आय बढ़ाई जा सके।
तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री और सभी मंत्रीगण सड़क मार्ग से हनुवंतिया पहुंचेंगे। यहां क्रूज पर कैबिनेट की बैठक होगी। इस दौरान क्रूज क्षेत्र के सभी टापूओं के बीच भ्रमण करेगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज तीसरी बार सरकार बनाने के बाद भी पूरे मंत्रिमंडल को लेकर औबेदुल्लागंज क्षेत्र में आने वाले रातापानी अभ्यारण पहुंचे थे। बस में एक साथ सवार हो गए रातापानी जाने को मंत्रियों ने सकारात्मक पहल करार दिया था।

बस्तर में की थी अर्जुन सिंह ने कैबिनेट
राजधानी के बाहर यूं तो पचमढ़ी में कैबिनेट बैठक होती रही है लेकिन किसी क्षेत्र को रेखांकित करने के लिए हनुवंतिया में हो रही इस कैबिनेट बैठक के पहले 80 के दशक में हुई बैठक भी चर्चित हुई थी। तब मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने बस्तभर को विशेष महत्वन देने के उद्देश्यर से जगदलपुर में कैबिनेट बैठक की थी। उसके बाद बस्तवर के विकास के लिए कई अहम् निर्णय हुए।

पर्यटन स्थलों के विकास पर फोकस
सूत्रों के अनुसार पयर्टन विभाग प्रदेश में पर्यटन स्थलों को समग्रता से विकसित करना चाहता है। अभी टुकड़ों में काम होने से पर्यटन स्थलों के विकास में एकरूपता नहीं आती। विभाग की राय है कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बेहतर सुविधाएं देना आवश्योक है और इसके लिए निजी एजेंसियों के साथ साझेदारी करनी होगी। हनुवंतिया इस पहल का पहला चरण कहा जा सकता है। यहां पर्यटन सुविधाओं के रखरखाव का जिम्मा निजी कंपनी को दिया जा रहा है। पर्यटन विकास निगम प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थटलों को एक हब के रूप में विकसित करने के लिए सस्ती दर पर जमीन, पुराने हवेलियों व इमारतों के उपयोग और निवेश में रियायत की मांग कर रहा है।

क्यों हनुवंतिया महत्वपूर्ण
खण्डवा जिले के नर्मदा नगर में नर्मदा नदी पर इंदिरा सागर बांध बनाया गया है। कुल 913.04 किलोमीटर के क्षेत्र में यह बांध स्थापित है। इस बांध का सौंदर्य यहां प्राकृतिक रूप से बने आठ से 10 ब़डे टापुओं के कारण और भी निखर गया है। इंदिरा सागर बांध देश ही नहीं एशिया की सबसे ब़डी मानव निर्मित जल संरचना है। इसके अतिरिक्त बरगी, गाँधी सागर, तवा, बाण सागर जैसे ब़डे बांध भी “जल पर्यटन” (वॉटर टूरिज्म) को बढ़ावा देने और इसके शौकीन सैलानियों को आकर्षित करने में सहायक होंगे। राज्य पर्यटन विकास निगम ने यहां पर्यटकों के रुकने के लिये 10 कॉटेज बनाए हैं। एक क्रूज तथा दो मोटर-बोट का इंतजाम किया गया है। पर्यटन सुविधाएँ विकसित करने के लिये निगम द्वारा करीब 8 करोड़ खर्च किए गए हैं।

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