राजनीति मेें जादुई आंकड़ा और आँकड़ों की जादूगरी

मैं सुबह सुबह टीवी पर समाचार सुन रहा था, कुछ राज्यों में आगामी चुनावों को लेकर एक चैनल पर दंगलनुमा चुनावी डिबेट चल रही थी जिसका विषय था क्या सत्तारुढ़ पार्टी इस बार जादुई आंकड़ा छू पायेगी और फिर एंकर ने इस विषय पर एक जादूगर की मानिंद आँकड़ों के विश्‍लेषण कर ऐसे ऐसे करतब दिखाए कि वह एक अकेला पूरी पैनल पर भारी पड़ गया ।

हमारे न्यूज़ चैनलों का आँकड़ो के विकास और नये नये शब्द ईजाद करने में गज़ब का योगदान है हमें इनका ऋणी होना चाहिये । ये चैनल यदि हमें न बताते कि आँकड़ा भी जादुई होता है तो शायद हम इस ज्ञान से सदैव के लिये वंचित रह जाते । प्रजातन्त्र में जादुई आँकड़े का विशेष महत्व है इस आँकड़े को छू लेने वाला दल खुद जादुई हो जाता है फिर वह पाँच साल तक डुगडुगी बजा- बजा कर जनता को हर दिन नये नये जादू के खेल दिखाता है ।

बचपन में जब हम स्कूल में पढ़ते थे तो यह मालूम था कि तेंतीस का आँकड़ा जादुई होता है यदि हासिल कर लिया तो उस पार अन्यथा एक साल बेकार और फिर बोनस में घर पर पिता की मार । परंतु चुनाव में यह जादुई आँकड़ा स्थान और परिस्थिति के अनुसार बदलता रहता है । एक बार जो इस आँकड़े को छू लेता तो फिर वह अर्श पर पहुँच जाता और दूसरे फर्श पर, वे अपना टाइम आयेगा इस आशा में जादुई आँकड़े को छू लेने के सपने रात दिन देखते रहते ।

राजनीति के इस दौर में जादुई आँकड़ों को छूने, पाने और छिनने की होड़ चुनाव दर चुनाव लगी रहती है । कभी ऐसा भी समय आया है जब प्याज जैसी वस्तु की बढ़ती कीमतों ने इस जादुई आँकड़ों से दूर रख सत्ता पाने की ख्वाहिश पर पानी फेर दिया है । टीआरपी और जीडीपी के आँकड़ों की अपनी एक अलग ही जादूगरी है, राजनीति जादू का खेल और नेता जादूगर  बन गये हैं  और यह जादू का खेल अब न्यूज़ चैनलों पर भी खूब चल रहा है। आँकड़ों की जादूगरी कहाँ नहीं है दुनिया में जब तेल की कीमतों के भाव कम होते हैं तब हमारे यहाँ बढ़ने लगते हैं पेट्रोल को डीजल पछाड़ देता है जैसे कछुए ने खरगोश को हरा दिया हो।

आँकड़े बताते हैं रुपया कमजोर हो गया है सोना मजबूत हो रहा है, चांदी भी मजबूत हो रही है सेंसेक्स भी ऊपर जा रहा है परंतु कालधन किधर जा रहा है यह भी रहस्यमय जादू है । कालेधन का आँकड़ा पाँच सौ और हजार वाले नोट बंद करने और तरह तरह की जादुई गोरेपन की क्रीम लगाने के बावजूद भी गोरा न हुआ बल्कि और अधिक काला हो गया ।

आँकड़े बताते हैं कि आवश्यक वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं गरीब फिर भी जिंदा है, है ना जादू,अपराधों के आँकड़े  बढ़ रहे हैं फिर भी कहते हैं सब नियंत्रण में है । चोर सेंध लगा रहे हैं मोहल्ले का चौकीदार फिर भी सीटी बजाता और लाठी ठोंकता बोलता चला जा रहा है सब ठीक है और हम मानकर चल रहे हैं कि सब ठीक है और लंबी तानकर सो रहे हैं ।

बॉक्स आफिस के आँकड़े बताते हैं कि फिल्म हिट रही ये आँकड़े भी जादुई आँकड़े हैं । ये आँकड़े भी सौ सौ तिकड़मों से ही हासिल होते हैं, राजनीति की फिल्म  भी तिकड़मों से ही हिट होती है और तिकड़म से ही जादुई आँकड़े हासिल होते हैं । साहित्य की दुनिया में छपने,लाइव प्रसारण, और मेगा संकलनों  के आँकड़ों के  साथ ही आभासी दुनिया में लाइक और कमेंट्स के आँकड़े भी कोई कम जादुई नहीं हैं,आजकल इनका जादू भी सर चढ़कर बोल रहा है । ये आँकड़े जब सर चढ़कर बोलते हैं सपनों में भी सुख देने लगते हैं और यह एक ऐसा सपना है जो सोने भी नहीं देता है,और कुछ होने भी नहीं देता । सचमुच आँकड़े सभी जादुई होते हैं चाहे वह बजट के हों अथवा विकास या उपलब्धियों के चाहे राजनीति और अपराध की गठजोड़ के या एनकाउंटर के । ये आँकड़े कुछ सच्चे, कुछ थोड़े सच्चे थोड़े झूठे और कुछ एकदम झूठे होते हैं पर जादू से लगते सब एकदम सच्चे हैं । जनसंख्या, बेरोजगारी, महँगाई और गरीबी के आँकड़ों पर राजनीति का जादुई आंकड़ा आज सबसे भारी है, चंदे का जादुई आँकड़ा गोपनीय और मौन है, बिल्ली के गले में घण्टी कौन बाँधे ।
जैसे क्रिकेट का खेल हो या क्रिकेट का सट्टा दोनों में हार या जीत, जादुई आंकड़ा ही तय करता है वैसे ही राजनीति में भी हार या जीत का निर्धारण जादुई आँकड़े से ही होता है राजनीति भी तो एक अवसर का खेल ही बनकर रह गयी है, जिसे बहुत शिद्दत से भुनाया और बखूबी खेला जा रहा है ।

 डॉ. तीरथ सिंह खरबंदा

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