विस्थापन की व्यथा सुनकर प्रशासन से मिले विधायक

नरसिंहपुर। नौरादेही अभ्यारण्य के विस्तार हेतु विस्थापन प्रक्रिया के तहत मुआवजे के रूप में 10-10 लाख रूपये देकर घर, जमीन व जंगल से बेदखल किये भोले-भाले आदिवासी परिवारों के वर्तमान हालात जंगल से भी बदतर हैं। वन विभाग के गेम रेंज डोंगरगांव अंतर्गत ग्राम खापा और महगुंवा से विस्थापित हुए आदिवासी परिवारों ने मिलकर अमथनु के पास करीब 3 एकड़ कृषि भूमि अपने-अपने झोपड़े तो तान लिये, लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं का इस कदर टोटा है कि इनका पल-पल दुश्वारियों से भर गया है। जब नरसिंहपुर के भाजपा विधायक जालम सिंह पटैल को इसकी जानकारी लगी तो वे मंगलवार को इन आदिवासियों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपर कलेक्टर मनोज ठाकुर से मुलाकात कर इस ओर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया।
सोसायटी से उपलब्ध कराया जाये शीघ्र राशन
विधायक जालम सिंह पटैल ने कलेक्टर के नाम दिये गये आवेदन पत्र में कहा कि नरसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र में नौरादेही अभ्यारण्य अंतर्गत जिन ग्रामीणों को उनके पैतृक स्थानों से विस्थापित किया गया है वे ग्राम अमथनु के पास बस गये हैं, लेकिन उन्हे कोई भी मूलभूत सुविधा उपलब्ध नही है। विधायक ने कहा कि इन आदिवासियों को सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, नाली, शौचालय, आवास व राशन जैसी सुविधाओं की दरकार है, जिसकी प्रशासन द्वारा शीघ्र व्यवस्था करायी जाये। विधायक जालम सिंह ने सभी परिवारों के वयस्क सदस्यों के नाम वोटर लिस्ट में जोड़े जाने के साथ-साथ सभी को अमथनु की सोसायटी से शीघ्र राशन उपलब्ध कराये जाने की मांग भी की है। विधायक के साथ ठा. राजीव सिंह, मंडी सदस्य धनिराम पटैल व उक्त ग्रामों के वाशिंदे भी अपर कलेक्टर से रूबरू हुए।
चिंता व भय के वातावरण में रह रहे परिवार
इन आदिवासी परिवारों के नये आवास खेत की जमीन मे हैं, लिहाजा बारिश में इनके घरों के आसपास कीचड़ ही कीचड़ है, जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है। यहां स्थित घर लकड़ियों से बने व पन्नी से ढ़के होने के कारण बेहद असुरक्षित है। बारिश के दिनों में आये दिन घरों में जहरीले जीव-जंतु प्रवेश कर रहे हैं, जिससे सभी परिवार डरे हुए हैं।
बिजली न होने से रात को छाया रहने वाला अंधेरा भी इनके लिए चिंता का विषय है। इन आदिवासियों को विस्थापित करने के बाद प्रशासन को कम से कम यह फिक्र तो करनी थी कि नये स्थान पर जाने के बाद ये आदिवासी किन हालातों में रहेंगे? इन्हे बिजली, पानी व सड़क की सुविधा मिल जाये तो इनका आधा जीवन वैसे ही आसान हो जायेगा। एजेंसी

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