शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार आज


आखिरकार शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार गुरूवार को होने जा रहा है। इसकी जानकारी खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को दी। मंत्रियों का शपथग्रहण समारोह राजभवन में सुबह 11:00 बजे होगा। हालांकि बुधवार तक यह तय नहीं हो पाया कि मंत्री पद की शपथ कौन-कौन लेने वाला है। कैबिनेट को लेकर बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर देर रात तक बैठकों को दौर चला। इस बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे, प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा और संगठन मंत्री सुभाष भगत ने सूची पर चर्चा की। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मंत्रिमंडल के शामिल होने वाले विधायकों को फोन कर भोपाल बुलाया गया। बैठक में यह भी तय किया गया कि जिन सीनियर नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल पायी है उनसे पार्टी के वरिष्ठ नेता चर्चा करेंगे। इसकी जिम्मेदारी प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे को दी गई है।
शिवराज कैबिनेट में भाजपा के जिन विधायकों को जगह मिल सकती है उनमें भोपाल से रामेश्‍वर शर्मा और विष्णु खत्री, इंदौर से मालिनी गौड़, ऊषा ठाकुर और रमेश मेंदोला, जबलपुर से अशोक रोहिणी, बालाघाट के राम किशोर कांवरे, विंध्य क्षेत्र से रामखिलावन पटेल, कुंवर सिंह टेकम, केदार शुक्ल और गिरीश गौतम के नामों की चर्चा है। इसके साथ ही मालवा रीजन से चेतन्य कश्यप, अरविंद भदौरिया, मोहन राठौर, रामलल्लू वैश्य और नीना वर्मा दावेदार हैं। निवाड़ से प्रेम शंकर पटेल और सुरेंद्र पटेल का नाम आगे हैं। वहीं बुदेंलखंड से हरिशंक खटीक दावेदार हैं।
वहीं कांग्रेस से भाजपा में आए 22 विधायकों में से 7 से 8 चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिलना तय माना जा रहा है। जिन ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थकों मंत्रिमंडल में जगह मिलना तय माना जा रहा है, उसमें प्रदुम सिंह तोमर, इमरती देवी, महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रभु राम चौधरी, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, एदल सिंह कंसाना, बिसाहूलाल सिंह और हरदीप सिंह डंग शामिल हैं। यही नहीं, इसके अलावा कांग्रेस में मंत्री रहे निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल भी मंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं।
कहा जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार को लेकर पार्टी ने जातिगत, क्षेत्रीय व नाराज नेताओं को एडजस्ट करने की कोशिश की है। पिछले दिनों मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजधानी भोपाल से लेकर दिल्ली तक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता जोड़ गणित में लगे हुए थे। सीएम शिवराज की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ लंबी चर्चाए भी हुई लेकिन कैबिनेट विस्तार पर एक राय नहीं बन पा रही थी। 
सिंधिया को मिलेगी नई जिम्मेदारी
मंगलवार को केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रह्लाद पटेल ने भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के दिल्ली स्थित उनके आवास पर जाकर मुलाकात की है। मुलाकात की तस्वीरें प्रह्लाद पटेल ने ट्वीट पर भी शेयर की है। साथ ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी प्रह्लाद पटेल से मुलाकात की जानकारी दी है। केंद्रीय मंत्री एक लाइन की वजह से नई चर्चा शुरू हो गई है। क्या राज्यसभा सांसद बनने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा कोई नई जिम्मेदारी देने जा रही है। प्रह्लाद पटेल ने ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात के बाद कहा कि सिंधिया जी को फिर से पुरानी उर्जा में देखकर मन प्रसन्न हो गया। मैं स्वास्थ्य लाभ के बाद लौटे उनकी एवं राजमाता साव की कुशलक्षेम जानने उनसे मिला था। वे शीघ्र ही नई जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे, यहीं ईश्‍वर से प्रार्थना है।

मंथन से निकला विष पी गए शिवराज
सूत्रों का कहना है कि भाजपा हाईकमान ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रस्तावों को नामंजूर करते हुए दूसरे समीकरण बैठाने की कोशिश की है। इस बात का अंदाजा मुख्यमंत्री के उस बयान से लगाया जा सकता है जिसमें उन्होंने अपनी चिंताओं और तकलीफों को इशारों-इशारों में कह दिया। दरअसल बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद की तुलना शिव से की और मंत्रिमंडल विस्तार में आ रही दिक्कतों की तुलना खुद के विष पीने से कर गए। पत्रकार ने पूछा कि अमृत किसको मिलेगा विष किसको मिलेगा। इसपर सीएम शिवराज ने कहा कि मंथन से अमृत ही निकलता है, विष तो शिव पी जाते हैं। जानकारों का कहना है कि मंथन से निकले विष को मुख्यमंत्री शिवराज पी गए है। 
सहस्त्रबुद्धे बोले- कोई असन्तुष्ट नहीं है
मंत्रिमंडल विस्तार से पहले ही भाजपा प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे बुधवार को भोपाल पहुंचे। पार्टी में नेताओं की नाराजगी पर सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि कोई असन्तुष्ट नहीं है… सबको एडजस्ट किया जाएगा। सीएम शिवराज सिंह के विष पीने वाले बयान पर कहा कि ऐसा कुछ नहीं है, कोई कठिनाई नहीं, कोई असंतुष्ट नहीं है। सब ठीक हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कैबिनेट में जिन्हें लिया जा रहा है उनकी सूची कल सार्वजनिक हो जाएगी। आज बताने की जरूरत नहीं है। 
कमलनाथ का तंज-मंथन से सिर्फ विष ही विष निकला
पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने शिवराज के विष वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि मंथन इतना लंबा हो गया कि अमृत तो निकला नहीं, सिर्फ़ विष ही विष निकला है। मंथन से निकले विष को तो अब रोज़ ही पीना पढ़ेगा क्योंकि अब तो कल से रोज़ मंथन करना पढ़ेगा। अमृत के लिए तो अब तरसना ही तरसना पढ़ेगा। इस विष का परिणाम तो अब हर हाल में भोगना पढ़ेगा।

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