शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर असमंजस, शपथ ग्रहण आज या कल

शिवराज मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार पर असमंजस जारी है। विस्तार अब 1 जुलाई को भी हो सकता है। मुख्यमंत्री शिवराज मंगलवार सुबह भोपाल लौटेंगे। सूत्रों के अनुसार आला कमान ने मंत्रियों के नामों को हरी झंडी दे दी है, लेकिन शपथ मंगलवार को ही होगी, यह खबर लिखे जाने तक स्पष्ट नहीं हो सका था। प्राप्त जानकारी के मुताबिक मुख्य पेंच नए और पुराने चेहरों को फिर से मंत्री बनाने का है। आला कमान नए चेहरों को ज्यादा मौका देने के पक्ष में है, जबकि मुख्यमंत्री अपने पुराने और भरोसेमंद साथियों को मंत्री बनवाना चाहते हैं। सूत्रों के मुताबिक जिन पांच वरिष्ठ विधायकों को मंत्री बनाने को लेकर पेंच फंसा हुआ है, ये हैं राजेन्द्र शुक्ला, अजय विश्‍नोई, विजय शाह, रामपाल सिंह तथा गौरी शंकर बिसेन। ये सभी पूर्व मंत्री हैं तथा शिवराज के करीबी माने जाते हैं।
सूत्रों का कहना है कि पुराने विधायकों में से केवल भूपेन्द्र सिंह के नाम को हरी झंडी दे दी गई है। सूत्रों के अनुसार शिवराज मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर पहले से फंसा पेंच और उलझ गया है। पार्टी के सभी खेमों में अपने अपने समर्थकों को मंत्री बनवाने को लेकर खींचतान जारी हैं। इस पूरे घटनाक्रम के चार कोण हैं। पहला तो कांग्रेस से भाजपा में आए माधवराव सिंधिया के समर्थकों को मंत्री बनवाने का है। बताया जाता है कि सिंधिया कम से कम 11 समर्थकों को मंत्री बनवाना चाहते हैं, जबकि भाजपा आलाकमान ज्यादा से ज्यादा 9 सदस्यों को मंत्री बनाने को तैयार है। दूसरा कोण स्वयं शिवराजसिंह हैं, जिन पर अपने समर्थकों और पार्टी के वरिष्ठ विधायकों को मंत्री बनवाने का दबाव है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी आला कमान पुराने की जगह नए चेहरों को ज्यादा मौका देना चाहता है। लेकिन इससे पार्टी में बड़े पैमाने पर  बगावत का खतरा है। तीसरा कोण पार्टी की प्रदेश इकाई का है। प्रदेश नेतृत्व भी नए चेहरों को शामिल करने का पक्षधर बताया जाता है, जिस पर मुख्यमंत्री शिवराज असहमत बताए जाते हैं। क्योंकि  उनके सामने एक बड़ी चुनौती निकट भविष्य में होने वाले 24 विधानसभा सीटों के उपचुनाव हैं, जिन्हें जीतना हर हाल में जरूरी है, क्योंकि इसी जीत से शिवराज सरकार को मजबूत सहारा मिलेगा। लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार में अपेक्षित संतुलन न रहा तो पार्टी में भारी असंतोष फैलेगा। जिसकी कीमत पार्टी को उपचुनावों में चुकानी पड़ सकती है। चौथा कोण आरएसएस का है, जो अपने चहेतों को मंत्री बनाने पर दबाव बनाए हुए हैं। ऐसे में 30 जून को नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण होना निश्‍चित नहीं है।  प्रदेश भाजपाध्यक्ष वी. डी. शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत भी दिल्ली में हैं।
 उधर पार्टी के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का दो दिनी भोपाल दौरा भी स्थगित हो गया है। सिंधया मंत्रियों के शपथ समारोह में शामिल होने वाले थे। इस बीच प्रदेश की कार्यवाहक राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के मंगलवार को भोपाल आने की पुष्टि भी नहीं हुई है।  इसके पूर्व सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित कई शीर्ष नेताओं से मिले। उन्होंने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, नरेन्द्र सिंह तोमर, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा तथा राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष  के साथ भी मुलाकात की। दूसरी तरफ प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा को भी दिल्ली बुलाया गया है। वे दतिया भिंड दौरा स्थगित कर दिल्ली रवाना हो गए। इससे अटकलों का बाजार और गर्म हो गया। सूत्रों के अनुसार तमाम चर्चाओं के बाद भी संभावित मंत्रियों के नामों पर एकराय नहीं बन पा रही है। क्योंकि पार्टी मंत्रिमंडल विस्तार के संभावित परिणामों  का आकलन भी कर रही है। बताया जाता है कि विस्तार अब देवशयनी एकादशी को भी हो सकता है। लेकिन यह भी तभी संभव है, जब नामो की सूची को अंतिम रूप मिले। 
सिंधिया ने शिवराज को चेक सौंपा
दिल्ली में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात हुई। इस दौरान सिंधिया ने मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए 30 लाख रू. का चेक भी सीएम शिवराज को सौंपा।

मुख्यमंत्री शिवराज ने प्रधानमंत्री से की मुलाकात
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को कोविड-19 के दौरान प्रदेश में वैश्‍विक महामारी से निपटने के लिए किए गए प्रयासों और उससे जुड़ी समस्याओं से अवगत कराया। साथ ही इस वैश्‍विक महामारी से जुड़ी अन्य समस्याएं जैसे प्रवासी मजदूरों के लिए रोजगार, लॉकडाउन के दौरान अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना आदि के बारे में भी विस्तार से बताया। लगभग आधे घंटे चली मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज ने प्रधानमंत्री को दो पुस्तिकाएं – ‘उम्मीद’ और ‘मध्यप्रदेश विकास के लिए प्रतिबद्ध प्रयास’ भेंट की। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रकाशित ‘उम्मीद’ पुस्तिका में प्रवासी श्रमिकों के लिए मध्यप्रदेश सरकार की सुनियोजित और संवेदनशील पहल का विस्तार से उल्लेख किया गया है। दूसरी पुस्तिका ‘मध्यप्रदेश विकास के प्रतिबद्ध प्रयास’ में मुख्यमंत्री शिवराज के नेतृत्व में सौ दिन के कार्यों का लेखा-जोखा दिया गया है। इसमें कोरोना महामारी से जंग को पराजित करने से लेकर अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण की दिशा में किए गए प्रयासों तक का उल्लेख है। साथ ही इस पुस्तक में इस अवधि में किए गए सुधारों और नवाचारों का जिक्र भी है। प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री शिवराज के प्रयासों की सराहना करते हुए कोविड-19 वैश्‍विक महामारी से निपटने के लिए केन्द्र से हरसंभव सहायता देने का आश्‍वासन दिया। 

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