सोनिया गांधी बोली-सरकार बंद करे मुनाफाखोरी

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस ने सोमवार को पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किए। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केन्द्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। सोमवार को एक वीडियो संदेश जारी कर सोनिया गांधी ने सरकार से पेट्रोल-डीजल के बढ़े हुए दाम वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मुसीबत का वक्त है, ऐसे में सरकार मुनाफाखोरी न करे। इसके पहले भी उन्होंने 16 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक चिट्ठी लिखकर ईंधन तेल के दाम बढ़ाने के फैसले को गलत ठहराया था।
सोनिया गांधी ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी ये है कि वो मुश्किल समय में देशवासियों का सहारा बने न कि उनकी मुसीबत का फायदा उठाकर मुनाफाखोरी करे। पिछले 3 महीनों में मोदी सरकार ने 22 बार लगातार पेट्रोल/डीजल की कीमत में बढ़ोतरी की है। 2014 के बाद मोदी सरकार ने जनता को कच्चे तेल की गिरती कीमतों का फायदा देने की जगह पेट्रोल/डीजल पर 12 बार एक्साइज़ ड्यूटी बढ़ाकर 18 लाख करोड़ रुपए की अतिरिक्त वसूली की है। यह अपने आप में जनता की मेहनत की कमाई से पैसा निकालकर सरकारी खजाना भरने का जीता-जागता उदाहरण है।
उन्होंने सरकार पर मुनाफाखोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की जिम्मेदारी ये है कि वो मुश्किल समय में देशवासियों का सहारा बने न कि उनकी मुसीबत का फायदा मुनाफाखोरी न करे। पेट्रोल-डीजल के दामों को अन्यायपूर्ण तरीके से बढ़ाकर जबरन वसूली का उदाहरण पेश किया गया है। एक तरफ जब देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है, तो पेट्रोल-डीजल पर महंगाई की मार ने बुरी हालत कर दी है। दिल्ली सहित बड़े शहरों में तो पेट्रोल-डीजल की कीमत 80 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा हो गई है। इसकी सीधी चोट किसान, नौकरीपेशा लोगों, देश के मध्यमवर्ग और छोटे-छोटे उद्यमियों पर पड़ रही हैं। सोनिया गांधी ने कहा कि मैं सरकार से मांग करती हूं कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ाई गई कीमत को वापस लिया जाए। और मार्च से जितनी एक्साइज़ ड्यूटी बढ़ाई गई है, उसे भी वापस लिया जाए।
मुसीबत में मदद के बजाए पेट काट रही मोदी सरकार: राहुल
वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार सरकार पेट्रोल-डीज़ल से मुनाफ़ाखोरी बंद करे, एक्साइज़ दर तुरंत घटाए और दाम कम करे। राहुल ने कहा कि सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम 22 बार बढ़ाए हैं, जिसका सीधा असर गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ा है। राहुल ने कहा कि इस समय देश में कोरोना, बेरोजगारी और आर्थिक तूफान आया है। इसकी चपेट में आने से अमीर और गरीब सभी तबके के लोग प्रभावित हुए हैं। मगर इसका सबसे ज्यादा असर वेतनभोगी, किसानों और मध्यम आय वर्ग के लोगों पर पड़ा है। सरकार को इस मुश्किल दौर में कमजोर और मध्यमवर्ग के लोगोंं के लिए साकारात्मक कदम उठाने चाहिए थे। मगर सरकार ने डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ाकर लोगों कमजोर और मध्यम आय वर्ग के लोगों पर सीधी चोट मारी है। सरकार को मौजूदा आर्थिक संकट से निकलने के उपाय दिए थे, मगर उस पर कोई विचार नहीं किया गया।

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