मसला हल होने के आसार, मस्जिदे-अक्सा में सिर्फ मुसलमान करेंगे इबादत

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जावेद आलम

इस्राईल और फिलिस्तीन के बीच तनाव खत्म होने की खबरें आने लगी हैं। अमेरिका की ओर से इस तरह के बयान आए हैं, जिससे लग रहा है कि येरुशलम में जारी तनाव खत्म हो सकता है और वहां इबादत करने का हक सिर्फ मुसलमानों को फिर से हासिल हो सकता है। अन्य लोग वहां सिर्फ जा सकते हैं। इस सिलसिले में अमेरिका के साथ ओमान भी महती भूमिका निभा रहा है और उसे मस्जिदे-अक्सा के प्रबंधक की हैसियत से कबूल किया जाने वाला है।
इस मामले को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने फिलिस्तीनी व इस्राईली सत्ता प्रमुखों के साथ ओमान के शाह से भी मुलाकात की। ओमान का मस्जिदुल्अक्सा से गहरा ताल्लुक है। जाहिर है उर्दू मीडिया में इस खबर को पूरी तवज्जो मिली है और कई जगह यह नजर आ रही है। इस बीच विदेश मंत्री जॉन कैरी शनिवार को ओमान में मीडिया से चर्चा करते हुए स्पष्ट किया- ’इस्राईल ने वादा किया है कि भविष्य में भी परंपरानुसार मस्जिदुल्अक्सा में मुसलमानों को ही इबादत की इजाजत होगी।’ उन्होंने हिंसा और भड़काऊ बातें रोकने का आग्रह भी किया।
उर्दू मीडिया के अनुसार जॉन कैरी ने ओमान में बादशाह अब्दुल्लाह सानी और फिलिस्तीनी सद्र महमूद अब्बास से गुफ्तगू में कहा ’येरुशलम में हिंसा समाप्त करने के लिए इस्राईल भी नीति निर्धारण पर राजी हो चुका है।’ बताया गया है कि इस सिलसिले में ओमान ने येरुशलम के कई हिस्सों के साथ मस्जिदे-अक्सा के अहाते में भी सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे इस्राईल ने स्वीकार कर लिया है। गौरतलब है कि जॉन कैरी ने गुरुवार को बर्लिन में इस्राइली प्रधानमंत्री नेतिन याहू से भी भेंट की थी। इसी के आधार पर कैरी ने कहा कि तनाव की इस नई लहर को खत्म करने के प्रति इस्राईल गंभीर है और उसे ओमान के मस्जिदे-अक्सा का प्रबंधन संभालने को लेकर कोई आपत्ति नहीं है। कैरी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस्राईल मस्जिदे-अक्सा को विभाजित करने का कोई इरादा नहीं रखता।
नहीं दिया पाकिस्तानी लेखिका को वीसा : मुल्क में लगता है साहित्यकारों, कलाकारों के खिलाफ कोई हिडन एजेंडा लागू कर दिया गया है। न सिर्फ देश के भीतर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है बल्कि बाहर से आने वाले कलाकारों को भी परेशान किए जाने की शिकायतें आ रही हैं। अब पाकिस्तान की लेखिका कन्जा जावेद के बारे में खबर आई है कि भारतीय हाई कमीशन ने उन्हें वीसा देने से मना कर दिया है। इस बाबत पाकिस्तान के बड़े अखबार ’जंग’ में खबर छपी है, उसके मुताबिक भारत ने रियासत उत्तराखंड के कस्बे नैनीताल में जारी अदबी मेले में शिरकत के लिए पाकिस्तानी अदीबा कन्जा जावेद को वीजा देने से इंकार कर दिया है,कन्जा का कहना है कि उन्होंने तीन हफ्ते पहले ही दस्तावेजात जमा करा दिए थे, लेकिन भारतीय हाई कमीशन ने उन्हें कोई वजह बताए बगैर वीजा देने से इंकार कर दिया है। अखबार आगे लिखता है कि ’पाकिस्तानी अदीबों और फनकारों के साथ भारत के पक्षपातपूर्ण रवैये का यह पहला वाकिआ नहीं है, बल्कि कुछ दिन पहले मुंबई में (पाकिस्तान के) पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद अहमद कसूरी की किताब के विमोचन समारोह को शिव सेना ने खराब करने की कोशिश की।

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