अमेरिका-रूस के हमले आईएस को कमजोर करने में असफल – बगदादी

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दाइश (इस्लामिक स्टेट या आईएस) के मुखिया अबू बक्र अलबगदादी के एक ऑडियो संदेश की खबर उर्दू मीडिया में है। 24 मिनट के इस संदेश में दावा किया गया है कि खिलाफत ठीक काम कर रही है तथा रूस और अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधन के हवाई हमले आईएस को कमजोर करने में असफल रहे हैं, बल्कि इनसे हमें और बल मिला है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ट्विटर अकाउंट पर जारी होने वाले इस ऑडियो की प्रामाणिकता के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता, लेकिन पहले भी इस अकाउंट पर आईएस के वक्तव्य पोस्ट होते रहे हैं।

आईएस से लड़ने के लिए सऊदी अरब के नेतृत्व में मुस्लिम देशों का गठबंधन बनाने की आलोचना करते हुए इस संदेश में कहा गया है कि अगर यह इस्लामी गठबंधन है तो इसे अपने यहूदी और धर्मयुद्ध (क्रूसेड्स) के आकाओं से आजादी का ऐलान करना चाहिए था तथा यहूदियों की मौतों और फिलिस्तीन की आजादी को अपना उद्देश्य बनाना चाहिए था। इस संदेश में सऊदी अरब के खिलाफ बगावत करने और इस्राईल के खिलाफ हमले करने की बातें कही गई हैं। इसमें सऊदी नागरिकों से सऊदी सरकार के खिलाफ उठ खड़े होने का आह्वान करते हुए कहा गया है कि वे सीरिया, इराक और यमन में अपने लोगों का बदला लें। इसमें इस्राईल को संबोधित करते हुए कहा गया है कि हम हर गुजरते दिन के साथ तुम से करीब से करीब तर होते जा रहे हैं।
इसी के साथ उर्दू मीडिया में यह खबर भी है कि इराकी सेना ने आईएस के कब्जे वाले शहर फलूजा में बड़े जमीनी हमले करके दाइश के कम से कम 300 लड़ाकों को मारने का दावा किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इराकी सुरक्षा बलों ने अलफलूजा शहर में अन्नईमिया नामक स्थान पर कार्रवाई शुरू की। यह कार्रवाई दाइश को अर्रमादी में सैन्य सहायता पहुंचाए जाने से रोकने के लिए की गई है। गौरतलब है कि रमादी में पिछले दिनों आईएस को भारी नुकसान पहुंचाए जाने की सूचनाएं हैं। इराकी सेना के वॉर मीडिया सेल द्वारा पिछले दिनों जारी बयान में बताया गया था कि सेना ने रमादी में हवाई हमलों के दौरान दाइश के कई केंद्र तबाह करने के साथ दक्षिणी फलूजा में भी उसे जानी नुकसान पहुंचाया है।

10 अरब डॉलर के हथियार ज्यादा बेचे: अमेरिकी कांग्रेस में एक रिपोर्ट पेश की गई है, जो बताती है कि पिछले बरस के मुकाबले इस साल अमेरिका ने 10 अरब डॉलर के हथियार ज्यादा बेचे हैं। यह सन् 2013 के मुकाबले 35 प्रतिशत ज्यादा है। इस रिपोर्ट के अनुसार 2014 में अमेरिका ने कुल 36 अरब 200 करोड़ डॉलर के हथियार बेचे थे। इस तरह दुनिया भर के हथियार बाजार पर अमेरिका का 50 प्रतिशत कब्जा हो गया। दूसरे शब्दों में कहा जा सकता है कि दुनिया के आधे शस्त्र सिर्फ अमेरिका बेच रहा है। अमेरिका बाद रूस का नंबर है और वह हथियार बेचने में दूसरे स्थान पर है। राष्ट्रीय सहारा के मुतबिक 2014 में रूस ने 10 अरब 200 करोड़ डॉलर के हथियार दुनिया के दूसरे देशों को बेच लिए। साढ़े 5 अरब डॉलर के साथ स्वीडन तीसरे नंबर पर है, तो 4 अरब 400 करोड़ डॉलर के साथ फ्रांस चौथे नंबर पर और चीन पांचवे नंबर पर है। चीन ने पिछले साल 2 अरब 200 करोड़ डॉलर के हथियार बेच डाले।

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