महंगाई के विरोध में भाकपा-माले का 16 को राज्यव्यापी प्रतिवाद

पटना। भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने नीतीश सरकार द्वारा राजस्व वृद्धि के लिए विभिन्न वस्तुओं पर 13.5 प्रतिशत टैक्स वृद्धि की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता के कंधों पर महंगाई का और ज्यादा बोझ डालना कहीं से उचित नहीं है। इस सरकार को महंगाई बढ़ाने के लिए जनादेश नहीं मिला है।

आज यहां पार्टी कार्यालय में प्रेसवार्ता में माले सचिव कुणाल ने कहा कि बिहार सरकार पूरी तरह केंद्र सरकार के नक्शेकदम पर चल रही है। दोनों सरकारें विभिन्न तरीकों से महंगाई का बोझ आम जनता के कंधों पर ही डालने में लगी हुई है। इससे जाहिर होता है कि ये सरकारें जनविरोधी हैं। उन्होंने कहा कि एक तो शराब पर प्रतिबंध के भी मामले में सरकार अपने वादे को शत-प्रतिशत पूरा नहीं कर रही है। सरकार ने चुनाव के दरम्यान वादा किया था कि पूर्णरूपेण शराबबंदी की जाएगी, लेकिन अब कह रही है कि केवल देशी शराब पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। अर्थात विदेशी शराब की बिक्री और उसकी कालाबाजारी जारी रहेगी। दूसरी ओर, शराबबंदी से होने वाले राजस्व घाटे की क्षतिपूर्ति की आड़ में वह जरूरी वस्तुओं के टैक्स में भी वृद्धि कर रही है। सरकार को राजस्व घाटे की क्षतिपूर्ति के लिए अन्य दूसरों उपायों पर विचार करना चाहिए । उन्होंने कहा कि इस भारी टैक्स वृद्धि को वापस लेने के सवाल पर आगामी 16 जनवरी को पूरे राज्य में प्रतिवाद दिवस मनाया जाएगा।

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