महिलाओं को खूब भा रही राजस्थानी थेवा ज्वेलरी

महिलाओं की बिना आभूषणों के कोई भी पोशाक पूरी नहीं होती। किसी भी स्त्री की सुंदरता में चार चांद लगाने के लिए जरूरी है कि उसके पहनावे के अनुरूप ही उसकी ज्वेलरी हो। इसमें भी जरूरी यह है कि ज्वेलरी ऐसी हो जो किसी भी पोशाक पर आसानी से जँच जाए। पर बाजार में उपलब्ध ज्वेलरी के तमाम डिजाइनों में अपने पसंद की ज्वेलरी को ढूँढ़ना इतना आसान भी नहीं है। ऐसे में राजस्थान की मशहूर थेवा ज्वेलरी इन दिनों महिलाओं के लिए पहली पसंद के रूप में उभर रही है] क्यों कि उनके लिए किसी भी प्रकार की पोशाक से इसे मेच करना आसान लग रहा है। इन दिनों यही कारण है कि मध्यप्रदेश की महिलाओं को इस ज्वेलरी की रेंज सबसे अधि‍क पसंद आ रही हैं।

भोपाल के रविशंकर कम्युनिटी हॉल में आयोजित सिल्क एंड कॉटन फैब ऑफ इंडिया एक्जिबिशन में जयपुर के कारीगर खूबसूरत थेवा और पोलकी ज्वेलरी की बड़ी रेंज लेकर आए हैं। जिन्हें देखते ही महिलाएं हाथों-हाथ ले रही हैं। एक्जिबिशन में अपने हुनर का प्रदर्शन करने और सूबे की महिलाओं के लिए मनपसंद ज्वेलरी डिजाइन लेकर देशभर से लगभग सौ कारीगर आए हैं जो कि अपने साथ डिजाइनर ज्वैलरी, ट्रेडिशनल साड़ी तथा सूट मटेरियल व अन्य तमाम सामग्री लाए हैं।

इस ज्वेलरी की कीमतों की बात करें तो यहां रजवाड़ा डिजाइन और मीनाकारी वर्क से बनी ज्वेलरी की कीमत दो सौ रुपए से शुरू होकर बीस हजार रुपए तक है। यही कारण है कि जिसकी जेब जितनी स्वीकृति देती है वे उतनी कीमत की जयपुरी थेवा और पोलकी ज्वेलरी खरीद रहे हैं।  अन्य खरीदारी के रूप में महिलाएं एक्जिबिशन में तमिलनाडु और कांजीवरम सिल्क की साड़ि‍यों के साथ ही कर्नाटक सिल्क तथा रॉ सिल्क, आंध्रप्रदेश की कलमकारी पोचमपल्ली का उपाड़ा और बिहार का  टसर खरीद रही हैं।

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