मालदा की घटना सांप्रदायिक समस्या नहीं : ममता

कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मालदा का कालियाचक में एक मुस्लिम संगठन के कार्यक्रम के दौरान हुई qहसा व तोडफोड को सांप्रदायिक समस्या मानने से इनकार कर दिया है। शनिवार को कोलकाता में विश्व बंग सम्मेलन से इतर पत्रकारों द्वारा पूछे गये सवाल के जबाब में ममता ने मालदा में हुई qहसा को बीएसफ व स्थानीय लोगों की समस्या करार दे दिया।

ममता ने तोडफोड और qहसा की वारदात से पल्ला झाडते हुए कहा कि मालदा की घटना से राज्य सरकार, तृणमूल अथवा राज्य पुलिस का कोई संबंध नहीं है। ममता के इस बयान से यह सवाल उठने लगा है कि यदि इस घटना से राज्य पुलिस का कोई संबंध नहीं है तो फिर कालियाचक थाने के अधिकांश अधिकारियों के तबादले क्यों कर दिये गये। यहां यह बताना भी जरूरी है कि विश्व बंग सम्मेलन के पहले दिन ममता ने उद्योगपतियों से राज्य में निवेश की अपील करते हुए दावा किया था कि उनके राज्य सांप्रदायिकता जैसी कोई समस्या नहीं है।

उल्लेखनीय है कि गत रविवार को qहदू महासभा के सदस्य कमलेश तिवारी के मोहम्मद पैगम्बर को लेकर दिये गये बयान के खिलाफ मालदा के कालियाचक में एक मुस्लिम संगठन के तत्वावधान में इस समुदाय के हजारों लोग विरोध प्रदर्शन करने निकले थे। इस दौरान भीड अचानक उग्र हो उठी और उसने कालियाचक थाने पर हमला कर दिया। इस दौरान थाने में आग लगा दी गई तथा पुलिस कर्मियों को पत्थर मार कर खदेड दिया गया। इसके बाद उग्र भीड ने हाईवे पर कई वाहनो में तोडफोड व आगजनी की। इस मामले में अब तक दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

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