रोहतक, सोनीपत में हिंसा, कई जगह नरम पड़ा जाट आरक्षण आंदोलन

चंडीगढ़। हरियाणा में जाट आरक्षण के लिए चल रहा आंदोलन थोड़ा नरम पड़ गया है। सरकार से आरक्षण का भरोसा मिलने के बाद कई जगहों पर जाट समुदाय ने अपना विरोध वापस लेना शुरू कर दिया है। हालांकि कई जगहों पर अभी भी सड़कें ब्लॉक हैं और प्रदर्शनकारी डटे हुए हैं।


हरियाणा के सापला में अभी भी पूरी तरह से जाटों ने रोड ब्लॉक ख़त्म नहीं किया है। दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर पहले ही रोड ब्लॉक है, कई किलोमीटर तक लंबा जाम लगा हुआ है। दिल्ली-करनाल हाइवे पर जाट आंदोलन की वजह से अभी भी लंबा जाम लगा हुआ है और लोग घंटों जाम में फंसे हुए हैं। वहीं आंदोलन की वजह से पानीपत भी बुरी तरह से प्रभावित था।


आंदोलन में सबसे ज्यादा नुकसान रोहतक को हुआ है और अभी भी हालात यहां सामान्य नहीं है। रोहतक और सोनीपत में फिर से हिंसक वारदातों की खबरें आ रही हैं। यहां गाड़ियों को जलाया गया है जिससे एनएच 1 का ट्रैफिक सस्पेंड कर दिया गया है। दो दिन पहले यहां पर सैना तैनात की गई थी लेकिन फिलहाल वहां पुलिस और सेना का नामोनिशान नहीं है।


पानीपत, कैथल, जींद, भिवानी, रोहतक. झज्जर, सोनीपत, हिसार और गुड़गांव कुल 9 ज़िलों में स्कूल, कॉलेज अब भी बंद हैं। रोहतक, भिवानी, झज्जर और सोनीपत में कर्फ़्यू हटाने पर प्रशासन सोमवार को विचार करेगा। जाट आरक्षण के मुद्दे की आग राजस्थान तक पहुंची और भरतपुर में प्रदर्शनकारियों ने हाईवे जाम कर दिया। साथ ही एक बस को आग के हवाले भी कर दिया।


उधर, जाट आंदोलन की वजह से दिल्ली में भी पानी का हाहाकार मचा हुआ है। आंदोलनकारियों ने मुनक नहर को बंद कर दिया था जिसकी वजह से दिल्ली को पानी सप्लाई रुक गई थी। सेना ने सोमवार सुबह 4 बजे मुनक नहर को अपने क़ब्ज़े में ले लिया। केजरीवाल ने ट्वीट के ज़रिए केंद्र और सेना का धन्यवाद भी दिया। इसके बाद सोमवार शाम तक दिल्ली तक पानी पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।


दरअसल कई जाट आंदोलनकारी सरकार से आरक्षण का लिखित आश्वासन मांग रहे हैं। वहीं रविवार को जाट नेताओं की गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाक़ात के बाद यह तय हुआ है कि अन्य पिछड़ा वर्ग के तहत जाटों को आरक्षण दिया जाएगा। इसके लिए आगामी विधानसभा सत्र में हरियाणा सरकार बिल लाएगी।


केंद्र में अन्य पिछड़ा वर्ग के तहत जाट आरक्षण पर विचार के लिए वेंकैया नायडू की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय कमेटी बनी है। नायडू ने कहा है कि पहली प्राथमिकता शांति बनाए रखने की है और इसके बाद आरक्षण के सभी पहलुओं पर बात की जाएगी।


हरियाणा में आठ दिन से चल रहे जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा में अब तक 12 लोगों की मौत हो गई और करीब 150 घायल हो गए हैं। जाट आंदोलन की वजह से रेल और सड़क यातायात पूरी तरह से ठप हो गए।
प्रदर्शन की वजह से अब तक 736 ट्रेनें रद्द हो चुकी हैं और 105 ट्रेनों के रास्ते बदल दिए गए हैं। मुंबई से चलने वाली राजधानी और संपर्क क्रांति एक्स भी रद्द कर दी गई है।

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