क्या कोहिनूर की आशा छोड़ देनी चाहिए?

प्रश्न 1: पेप्सी की सीईओ इंद्रा नूयी को ‘स्वीटी’ या ‘हनी’ पुकारे जाने पर सख़्त ऐतराज़ है। यह डायबिटीज़ का फोबिया नहीं है जिसमें मीठा सुनने-बोलने से भी परहेज़ किया जाए। दरअसल वे चाहती हैं कि महिलाओं को पुरुषों के बराबर माना जाए। इन संबोधनों में औरतों की कमतरी का एहसास होता है। ऐसे ही क्या कोई लड़कियों के ज़नाना नाम रखने पर आपत्ति करेगा? क्या स्त्री-पुरुष समानता में सबसे बड़ी बाधा दूल्हे द्वारा शादी कर के गाजे-बाजे सहित दुल्हन को विजयी भाव से अपने घर लाने की प्रथा है? या यह नारी महानता की पराकाष्ठा है जो माँ-बाप को त्याग कर पति को अपना सर्वस्व सौंप वहीं रम जाती है? पक्ष या विपKooh E Noor 11 April 2016क्ष में राय दें।

प्रश्न 2: सूचना के अधिकार के तहत दी गई जानकारी में सरकार ने बताया है कि आज़ादी के पहले पुरातन महत्व की देश से बाहर ले जाई गईं वस्तुओं को वापस लाने का वैधानिक प्रावधान न होने से कोहिनूर को क़ानूनी रास्ते से पाना मुमकिन नहीं। तो क्या हमें हीरे की वापसी का सपना देखना बंद कर देना चाहिए? या ब्रिटिश सरकार पर कूटनीतिक दबाव बनाते हुए हमें कोहिनूर की वापसी का उद्यम करते रहना चाहिए? बड़ा सवाल तो यह है कि तब हम अंग्रेज़ों की अंग्रेज़ीयत, शिक्षा प्रणाली, प्रशासनिक व्यवस्थाएँ, रहन-सहन छोड़ने को तैयार नहीं तो उनसे कोहिनूर छोड़ देने की आशा क्यों करनी चाहिए? पचास शब्दों में बताएँ।

प्रश्न 3: केरल के कोल्लम में देवीजी के मंदिर में आतिशबाज़ी के दौरान पटाखों में लगी आग ने सौ से ज़्यादा जानें ले लीं और सैकड़ों को घायल कर दिया। मंदिर का ट्रस्ट परंपरा की दुहाई देते हुए पटाखेबाजी पर रोक लगाने को तैयार नहीं है। क्या इतनी भीषण दुर्घटना से यह स्पष्ट संदेश नहीं मिल रहा है कि ईश्वर को ऐसी आतिशबाज़ी पसंद नहीं? या कोई भक्त इससे अधिक तर्कसंगत व्याख्या कर सके तो करे!

प्रश्न 4: रईस शाहरुख़ खान सल्लू सलमान से ईद पर संभावित टकराव को टालना चाहते हैं। अक़्लमंदी भी इसी में है क्योंकि कोई कितना भी रईस हो सुल्तान से पार नहीं पा सकता। वैसे भी फ़िल्मी रईस बहुत दिनों से किसी बड़ी सफलता की बाट जोह रहे हैं और सुल्तान हिट पर हिट दिए जा रहे हैं। क्या रईस का यह समझदारी (?) भरा क़दम उसकी ईद में ख़ुशियाँ, सफलता, प्रसिद्धि और रुतबे के चार चाँद लगा पाएगा? अनुमान लगाएँ।

प्रश्न 5: हिंदुस्तान के सबसे धनी व्यवसायी अनिल अंबानी के बेटे अनंत ने अपने शरीर का एक क्विंटल से ज़्यादा वज़न घटाने का अजूबा कर दिखाया। मोटापे की मार झेल रहे लोगों के लिए वे प्रेरणा स्त्रोत बन सकते हैं। चारों ओर प्रशंसा के पुल बाँधे जा रहे हैं। सलमान खान जैसे नामी गिरामी फ़िल्मी सितारे बधाई दे रहे हैं। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए हिसाब लगाएँ कि अट्ठारह महीनों में 108 किलो वज़न कम करके अनंत अंबानी ने अपनी वजनदारी में कितना इज़ाफ़ा कर लिया है?

 

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