जल्द हो सकते हैं भारत-ईरान चाबहार समझौते पर हस्ताक्षर

तेहरान। भारत और ईरान जल्द ही ऐतिहासिक चाबहार बंदरगाह से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने रविवार को तेहरान में तय किया कि इस समझौते से जुड़ी आवश्यक आंतरिक प्रक्रियाओं को जल्द ही उच्च स्तरीय बैठक के माध्यम से पूरा किया जायेगा।

सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी ईरान यात्रा के दौरान समझौते के अंतिम प्रारुप पर हस्ताक्षर किये जायेंगे। हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और ईरान के विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने रविवार को तेहरान में द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक विषयों पर वार्ता की और कहा कि दोनों देशों के बीच सम्बन्ध सुदृढ़ हो रहे हैं । दोनों नेताओं ने भारत-ईरान के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर दिया ।

चाबहार समझौता एक ऐतिहासिक समझौता है जिससे भारत, ईरान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच व्यापार की सम्भावनाएं बढ़ेंगी और भारत ईरान के चाबहार बंदरगाह के ज़रीये अफ़ग़ानिस्तान और मध्य एशिया के साथ सीधा व्यापार कर पायेगा । इससे भारत और अफ़ग़ानिस्तान के बीच व्यापार बढ़ेगा जिससे अफ़ग़ानिस्तान की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।

इसके साथ ही इस क्षेत्र से जुड़े देशों के बीच आपसी संपर्क भी बढ़ेगा । यह समझौता तीनों देशों और उनके नागरिकों के बीच संपर्क और व्यापार बढ़ाने के लिए एक ”रणनीतिक और सामरिक बांध” के तौर पर काम करेगा । इस समझौते के मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए नई दिल्ली में 11 अप्रैल को भारत, ईरान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच उच्च स्तरीय बैठक हुयी थी ।

आज दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने और भी कई विषयों पर चर्चा की । इसके पश्चात विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार अली अकबर वेलायती के साथ भेंट की और कहा कि दोनों देशों के बीच मित्रता गहरी है। स्वराज कल दो देशों की यात्रा के पहले चरण में ईरान पहुंची थी । यहाँ से वह रूस जाएँगी जहाँ वह तीन देशों (रूस, चीन और भारत) के विदेश मंत्रियों के बीच होने वाली बैठक में भाग लेंगी ।

आज सवेरे विदेश मंत्री ने ईरान में बसे भारतीय समुदाय से भेंट की और उन्हें विश्वास दिलाया कि वह ईरानी नेतृत्व के साथ भारतीय समुदाय की समस्याओं पर चर्चा करेंगी । इस दौरान तेहरान स्थित केंद्रीय विद्यालय के बच्चों ने उनके सम्मुख एक रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया । भारतीय समुदाय के साथ भेंट के पश्चात विदेश मंत्री ने कहा उन्हें एक नयी ऊर्जा का अनुभव हो रहा है । इसके बाद वह तेहरान में एक गुरूद्वारे भी गयीं और वहां भी लोगों को संबोधित किया।

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