टैक्स की हेराफेरी करने वालों को क्या हम राष्ट्रवादी कहेंगे?

प्रश्न 1: जम्मू-कश्मीर के एनआईटी की छात्राओं ने आरोप लगाया है कि 31 मार्च के कश्मीरी और ग़ैर कश्मीरी विद्यार्थियों के विवाद में उनका मुँह बंद कराने के लिए कश्मीरियों ने बलात्कार की धमकी दी। शिक्षा संस्थानों की मंत्री स्वयं महिला हैं। कश्मीर की मुख्यमंत्री महिला हैं। भारत माता की अवधारणा भी देवी के रूप में है। मोदीजी निरंतर महिला सशक्तिकरण की वकालत करते हैं। क्या यह सभी परिस्थितियाँ जम्मू-कश्मीर के छात्र-छात्राओं को सुरक्षा का उपयुक्त वातावरण मुहैया करा पाएँगी? आकलन करें।

प्रश्न 2: पनामा पेपर्स में अमिताभ बच्चन का नाम आने के बाद कांग्रेस ने उन्हें टाइगर बचाओ अभियान तथा इंडिया इंटरनेशनल फ़िल्म कन्वेन्शन की सलाहकार समिति से हटाने की माँग की है। बिग बी स्वयं को बेदाग़ बता रहे हैं। अभी तो विवादों की शुरुआत है, अंत होने में समय लगेगा। कुछ लोग पैसों के लालच में दूसरे मुल्कों को समृद्ध क्यों कर रहे हैं? अपने देश में पैसा रखने पर थोड़ा टैक्स ही तो लगेगा जो भारत माता के विकास के काम आएगा। क्या ऐसे टैक्स की हेराफेरी करने वाले सच्चे राष्ट्रवादी कहलाने लायक हैं? या धन कमाने और बचाने के मामले में राष्ट्रवाद को बीच में लाना उचित नहीं? पक्ष या विपक्ष में राय दें।

प्रश्न 3: प्रधानमंत्री ने कोलकाता में फ़्लाई ओवर गिरने को ईश्वरीय आपदा बताते हुए जनता को समझाया है कि चुनावों के दौरान हुए इस हादसे से भगवान संदेश दे रहे हैं कि जैसे यह पुल टूटा है वैसे ही ममता बैनर्जी पूरे बंगाल को ध्वस्त कर देंगी। मोदीजी दिल्ली चुनाव में केजरीवाल को बदक़िस्मत और ख़ुद को क़िस्मतवाला बता चुके हैं। भाग्यवाद और अंधविश्वास फैलाने वाले बयानों से किसी दुर्घटना को शासक के प्रति ईश्वर का अभिशाप निरूपित करना क्‍या उचित है? या यह चुनावी जुमला भर है? विश्लेषण करें।

प्रश्न 4: भारत का कहना है कि पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले की जाँच के लिए पाकिस्तान की जेआईटी को भारत आने की अनुमति इसीलिए दी गई थी कि हमारी एनआईए वहाँ जाँच के लिए जाएगी। पड़ोसी ने अपना काम कर लिया किंतु हमारी बारी आने पर यू टर्न लेते हुए शांतिवार्ता स्थगित कर दी। केजरीवाल इसके लिए मोदीजी और अमित शाह को आड़े हाथों ले रहे हैं। पूरे प्रकरण में हिंदुस्तान को क्या मिला- अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शान्तिप्रियता की छवि, झेंप, विदेश नीति की विफलता, पाकिस्तान की जानी पहचानी दोगली नीति का पुष्टीकरण या कश्मीर विवाद का नए सिरे से उछाल? पचास शब्दों में बताएँ।

प्रश्न 5: एयर इंडिया के एक पायलट ने उड़ान में दो घंटे का विलंब केवल इसलिए कर दिया क्योंकि उसे एक ख़ास महिला का साथ को-पायलट के रूप में चाहिए था। जिस देश में जीवन की गाड़ी चलाने के लिए मनपसंद साथी की माँग नहीं की जाती, सरकार चलाने के लिए चुनावों में आदर्श उम्मीदवार के लिए दबाव नहीं होता, नगर निगम से पीने लायक पानी, स्कूलों में स्तरीय पढ़ाई, अस्पतालों में बढ़िया इलाज, प्रशासन से उम्दा क़ानून व्यवस्था और सरकारी अमले से भ्रष्टाचार मुक्त होने का आग्रह नहीं किया जाता वहाँ ज़िद करके पसंदीदा सह-पायलट बुला लेना किस स्तर की प्रशंसा के योग्य है? व्याख्या करें।

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