विधान सभा चुनाव : दूसरे चरण में ५६ सीटों के लिये जोरदार मुकाबला

कोलकाता।  पश्चिम बंगाल में कुल छह चरणों में होनेवाले विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान समाप्त हो चुका है। पहले चरण के तहत जंगल महल में  हुए मतदान में वाटरों में जबर्दस्त उत्साह देखा गया। आगामी १७ अप्रैल को दूसरे चरण के तहत  राज्य के सात जिलों की ५६ सीटों के लिये मतदान होगा। इनमे से छः ४५ सीटें  उत्तर बंगाल की हैं जबकि दक्षिण बंगाल के बीरभूम जिले की ११ सीटों के लिये भी इसी चरण में मतदान होगा। उत्तर बंगाल में दार्जिqलग जिले की ६, मालदा जिले की १२, उत्तर दिनाजपुर की ९, दक्षिण दिनाजपुर की ६, जलपाईगुडी की सात तथा नवगठित जिले अलीपुरद्वार की पांच सीटें शामिल हैं। इनमे से उत्तर बंगाल की ४५ विधानसभा सीटों पर कब्जा करने के लिए सभी राजनीतिक दल जोर आजमाइश कर रहे हैं। उत्तर बंगाल  में दार्जिqलग जिले की सिलीगु‹डी विधानसभा सीट (जो फिलहाल सत्तारू‹ढ तृणमूल कांग्रेस के कब्जे में है )Ÿपर पार्टी किसी भी हाल में अपना दबदबा बरकरार रखना चाहती है। यही कारण है कि तृणमूल सुप्रीमो व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस सीट को हासिल करने के लिए ए‹डी चोटी का जोर लगा रही हैंŸ। इसकी मुख्य वजह है कि २०११ में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद माकपा ने  २०१४ में हुए लोकसभा चुनाव व इसके बाद सिलीगु‹डी नगर निगम तथा  महकमा परिषद चुनाव में  जबर्दस्त तरीके से वापसी की थी।  सिलीगु‹डी नगर निगम एवं महकमा पंचायत पर वाममोर्चा का कब्जा है। अशोक भट्टाचार्य के नेतृत्व में ल‹डे गये सिलीगु‹डी नगर निगम चुनाव पूरे राज्य के लिए एक मॉडल बन गया। वे फिलहाल सिलीगु‹डी नगर निगम के मेयर है और विधानसभा चुनाव में सिलीगु‹डी सीट से  कांग्रेस-सीपीएम गठबंधन के उम्मीदवार हैंŸ। उनके खिलाफ तृणमूल कांग्रेस ने मशहूर फुटबॉलर वाइचुंग भूटिया को मैदान में उतारा हैŸजो  गत लोकसभा चुनाव  में दार्जिqलग लोकसभा सीट पर भाजपा के सुरिंदर qसह अहलूवालिया के हाथों शिकस्त खा चुके हैं। हालांकि वे ममता बनर्जी के विश्वास पर ख‹डा उतरने के लिए क‹डी मेहनत कर रहे हैं। खुद ममता बनर्जी भी अब तक उनके समर्थन में प्रचार करने दो बार सिलीगु‹डी आ चुकी है। इस सीट से सीपीएम नेता अशोक भट्टाचार्य के जीतने की उम्मीद जतायी जा रही है। यहां बात अलग है कि उन्हें सत्तारू‹ढ पार्टी की ओर से क‹डी टक्कर मिलेगी। दार्जिलिंग जिले के पहा‹डी विधानसभा सीटों दार्जिqलग, कर्सियांग व कालिम्पोंग में मुख्य मुकाबला गोरखा जनमुक्ति मोर्चा व तृणमूल के बीच ही मानी जा रही है। दार्जिqलग व कर्सियांग में गोर्खाजनमुक्ति मोर्चा की जीत पक्की मानी जा रही है। जबकि कालिम्पोंग में पूर्व में गोजमुमो के टिकट पर विधायक चुने गये डॉ हरका बहादुर छेत्री जो फिलहाल मोर्चा से अलग हो निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में हैं, मोर्चा को क‹डी टक्कर दे सकते हैं। हरका बहादुर छेत्री को सत्तारू‹ढ  तृणमूल कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है।  विदित हो कि तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची में हरका बहादुर छेत्री को कालिम्पोंग से टीएमसी का उम्मीदवार घोषित किया गया था जिसे बाद में संशोधित कर यहां से टीएमसी ने अपना उम्मीदवार नहीं देने का फैसला किया। दार्जिqलग जिले के माटीगा‹डा – नक्सलबा‹डी विधानसभा सीट से सीपीएम-कांग्रेस जोट उम्मीदवार व यहां के पहले विधायक रह चुके कांग्रेस नेता शंकर मालाकार की जीत पक्की मानी जा रही है। इस क्षेत्र में उनका गहरा प्रभाव है। फांसीदेवा सीट पर कांग्रेस की सुनील तिर्की का पल‹डा मजबूत माना जा रहा है।  यहां टीएमसी से कार्लुस लाक‹डा व भाजपा के दुर्गा मुर्मू मैदान में हैंŸ। गोआलपोखर सीट पर टीएमसी एवं कांग्रेस के बीच मुकाबला हैŸ। जलपाईगु‹डी के धूपगु‹डी विधानसभा सीट पर टीएमसी उम्मीदवार मिताली राय व सीपीएम प्रार्थी ममता राय के बीच बरामबरी का  टक्कर है। ममता राय यहां विधायक रह चुकी है। इसका लाभ उन्हें मिल सकता है। मयनागु‹डी में टीएमसी के आनंद देव अधिकारी का पल‹डा भारी दिख रहा है। उन्हें आरएसपी के छाया दे से टक्कर मिलती दिख रही है।  इससे पहले यह सीट टीएमसी के खाते में थी। जलपाईगु‹डी सीट से टीएमसी उम्मीदवार धृती मोहन राय एवं कांग्रेस- सीपीएम गठबंधन के उम्मीदवार सुख विलास राय के बीच बराबरी का मुकाबला माना जा रहा है। सुख विलास राय यहां के विधायक रह चुके हैं। राजगंज विधानसभा सीट से टीएमसी उम्मीदवार खगेश्वर राय जो पहले यहां के विधायक रह चुके हैं  उनकी जीत की उम्मीद अधिक है। सीपीएम के सत्येंद्रनाथ मंडल से उन्हें टक्कर मिल रहा है। फूलबा‹डी-डाबग्राम सीट से टीएमसी उम्मीदवार गौतम देव एवं कांग्रेस – सीपीएम जोट उम्मीदवार दिलीप qसह के बीच क‹डा  मुकाबला होगा।  मालबाजार सीट से टीएमसी के बुलुचिक बराक एवं गठबंधन उम्मीदवार आगस्तस केरकेटा के बीच ५० – ५० का मुकाबला बताया जा रहा है। बुलुचिक बराक ने पिछले चुनाव में यहां से जीत दर्ज की थी। नागराकाटा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार जोसेफ मुंडा का पल‹डा भारी दिख रही है। वे पिछले बार भी यहां से कांग्रेस की जीत हुई थीŸ। टीएमसी के सुकरा मुंडा उन्हें टक्कर देंगे। नवगठित अलीपुरद्वार जिले के अलीपुरद्वार सीट से टीएमसी उम्मीदवार सौरभ चक्रवर्ती के जीतने की संभावना अधिक दिख रही हैŸ।यहां कांग्रेस के विश्वरंजन सरकार एवं भाजपा के कुशल चट्टर्जी मैदान में हैं।  कुमारगंज सीट पर  कांग्रेस उम्मीदवार की स्थिति मजबूत बताई जा रही है।  पिछले विधानसभा चुनाव में यह सीट आरएसपी के खाते में गयी थी। फालाकाटा सीट से टीएमसी के अनिल अधिकारी का पल‹डा भारी माना जा रहा है। उन्होंने पिछला विधानसभा चुनाव जीता थाŸ। सीपीएम के क्षितिज चंद्र राय उन्हें टक्कर दे सकते हैं। कालचिनी में भाजपा के विशाल लामा एवं निर्दलीय उम्मीदवार अतुल सुब्बा के बीच क‹डा मुकाबला देखा जा रहा हैŸ। राजनीतिक विश्लेष्क की माने तो निर्दलीय उम्मीदवार अतुल सुब्बा को स्थानीय जनजाति का भारी समर्थन मिलता दिख रहा है जो उन्हें जीत तक पहुंचा सकता है। टीएमसी से विल्सन चप्रामारी जो यहां पूर्व विधायक रह चुके हैं मैदान में दोबारा अपना भाग्य आजमा रहे हैं। मदारीहाट सीट से भाजपा के मनोज टिग्गा सबसे आगे दिख रहे हैं। टीएमसी के पद्म लामा एवं आरएसपी के कुमारी कुजुर उनके खिलाफ मैदान में हैं। कुुमारी कुजुर यहां पिछला विधायक रह चुकी है। मालदा जिले के गाजोल सीट पर सीपीएम उम्मीदवार दीपाली विश्वास का पल‹डा भारी दिख रहा है।  टीएमसी के सुशील चक्रवर्ती राय यहां मैदान में हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में सुशील चक्रवर्ती ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव ल‹ड कर जीत दर्ज की थी जो बाद में टीएमसी में शामिल हो गये। वहीं हबीबपुर सीट से सीपीएम के खगेन मुर्मू आगे दिख रहे हैं। पिछला विधानसभा चुनाव में सीपीएम ने यहां से जीत दर्ज की थी। टीएमसी के अमल किश्कू यहां से चुनाव ल‹ड रहे हैं। चांचल सीट से  कांग्रेस के असिफ महबाद का पल‹डा भारी दिख रहा है। उन्होंने पिछले चुनाव में यहां से जीत दर्ज की थी। टीएमसी के सौमित्र राय व भाजपा के दिपंकर राय उन्होंने टक्कर दे रहे हैं। हरिश्चंद्रपुर सीट से कांग्रेस के मुश्ताक आलम पहले स्थान पर नजर आ रहे हैं। फारवर्ड ब्लॉक के अफिकुल आलम उन्हें टक्कर देते दिख रहे हैं। मालटीपुर में  आरएसपी के अब्दुर रहीम सबसे आगे चल रहे हैं। पिछले चुनाव में आरएसपी को यहां जीत मिली थीŸ। कांग्रेस के अलबरूनी जुलकारमन मैदान में हैं। रतुआ से कांग्रेस उम्मीदवार सनर  मुखर्जी का प्रभाव सबसे ज्यादा दिख रहा है। यह सीट पिछली बार कांग्रेस की दखल में थीŸ। टीएमसी के सहनाज क्वादरी उनके खिलाफ मैदान में है।  मानिकचक से टीएमसी की सावित्री मित्र आगे दिख रही है। वे यहां से पिछली बार चुनाव जीत चुकी हैं। कांग्रेस के मो. मोत्ताकिन आलम उनके खिलाफ मैदान में हैं. मालदा से कांग्रेस के भूपेंद्रनाथ हालदार सबसे आगे चलते दिख रहे हैं। टीएमसी के दुलाल सरकार व भाजपा के गोपाल चंद्र साहा मैदान में हैं। यह सीट कांग्रेस की दखल में थी। इंगलिशबाजार से टीएमसी के कृष्णेंदू नारायण चौधरी सबसे आगे हैं। उन्हें गठबंधन समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार  नीहार घोष से टक्कर मिल रही है।मोथाबा‹डी सीट से कांग्रेस के याशिन सबिना आगे दिख रही है। टीएमसी के मो नजरूल इस्लाम उन्हें टक्कर देते दिख रहे हैं।  उत्तर दिनाजपुर जिले के चोप‹डा सीट से सत्तारू‹ढ तृणमूल कांग्रेस के हमिदुल रहमान अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वि सीपीएम-कांग्रेस गठबंधन के  उम्मीदवार सीपीएम के अक्रमुल हक से आगे हैं। वहीं चाकुलिया सीट पर फारवर्ड ब्लॉक के अली इमरान रम्ज सबसे आगे दिख रहे हैं। उन्हें भाजपा उम्मीदवार असीम कुमर मृधा से क‹डी टक्कर मिलने की उम्मीद हैै। करणदिघी सीट पर फारवर्ड ब्लॉक के गोकुल राय का क्रेज सबसे असरदार दिख रहा है। यहां सत्तारू‹ढ तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार मानदेव qसह पिछ‹डते नजर आ रहे हैं। हेमताबाद सीट पर कुल नौ उम्मीदवार मैदान में है। यहां टीएमसी के सविता छेत्री एवं सीपीएम के देवेंद्र नाथ राय के बीच सीधा मुकाबला   है। कालियागंज सीट पर टीएमसी उम्मीदवार बसंत राय कांग्रेस के परमनाथ राय को पछा‹डते नजर आ रहे  हैं। रायगंज सीट पर कुल नौ उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें कांग्रेस के मोहित सेनगुप्त तृणमूल कांग्रेस के पुणेंदू राय से आगे दिख रहे हैं। इटाहार  में टीएमसी के अमल आचार्य सीपीएम के श्रीकुमार मुखर्जी से आगे निकलते दिख रहे हैं। इस्लामपुर में जोट उम्मीदवार कांग्रेस के कन्हैया लाल अग्रवाल टीएमसी के  अब्दुल करीम चौधरी पर भारी पर रहे हैं। गुआलपोखर में  कांग्रेस के अफजल हुसैन टीएमसी के मो गुलाम रब्बानी को पीछे ढेकल आगे चलते दिख रहे हैं।  दक्षिण दिनाजपुर जिले के कुशमंडी में आरएसपी के नरेंद्र चंद्र राय के जीतने की उम्मीद जतायी जा रहा है। वे पिछले बार यहां से चुनाव जीते थे। उनके खिलाफ टीएमसी की रेखा राय मैदान में है। कुमारगंज में भाजपा,टीएमसी एवं सीपीएम के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है। बालुरघाट में टीएमसी के शंकर चक्रवर्ती एवं आएसपी के विश्वनाथ चौधरी के बीच बरामबरी का मुकाबला है। तपन में टीएमसी के बाच्चु हासदा आगे दिख रहे हैं। वे यहां के विधायक रह चुके हैं। आरएसपी के रघु उरांव उनके खिलाफ मैदान में हैं। गंगारामपुर सीट पर टीएमसी के सत्येंद्रनाथ राय आगे चल रहे हैं। कांग्रेस के गौतम दास उनके खिलाफ  मैदान में हैं। हरिरामपुर में टीएमसी के विपल्व मित्र की संभावना अधिक है, पर उनके खिलाफ उनकी पार्टी में ही  चरम अंतद्र्वद्व  दिख रहा हैŸ। वे यहां से विधायक रह चुके हैं। उधर बीरभूम जिले की जिन ग्यारह सीटों के लिये दूसरे चरण में मतदान होना है उन पर सत्तारूढ तृणमूल कांग्रेस की स्थिति सबसे अधिक मजबूत बताई जा रही है। पिछले चुनाव में भी तृणमूल ने इस जिले में धमाकेदार प्रदर्शन किया था। राजनीतिक तौर पर बेहद संवेदनशील हो चुके इस जिले में राजनीतिक हिंसा की वारदातें होती रहती हैं। हालांकि पिछले पांच सालों के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने भी  बीरभूम जिले में अपना एक जनाधार बना लिया है। हालांकि चुनाव में पार्टी को इसका कितना फायदा मिल सकेगा यह कहना अभी मुश्किल है। दूसरी तरफ तृणमूल के जिलाध्यक्ष अनुव्रत मंडल के नेतृत्व में पार्टी जिले की सभी सीटें जीतने के दावे करती रही हैं। दूसरे चरण में ५६ सीटों के लिये कुल ३८३ उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमे तृणमूल के ५५, भाजपा के ५३, बहुजन समाज पार्टी के ४३, कांग्रेस के २३, माकपा के १७, आरएसपी के १०, फारवार्ड ब्लाक के ६ तथा भारतीय कम्यूनिष्ट पार्टी का एक उम्मीदवार शामिल हैं। इनके अलावा ६२ निर्दलीय उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। दूसरे चरण के लिये भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये जा रहे हैं। चुनाव आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि सभी मतदान केंद्रों पर  केंद्रीय बलों की तैनाती होगी। हालांकि इसके बावजूद पहले चरण में सत्तारूढ पार्टी पर जोर-जबर्दस्ती व धांधली करने के आरोप लग चुके हैं।

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