शीला दीक्षित ने क्यों की केजरी फार्मूले की आलोचना?

प्रश्न 1: मध्‍यप्रदेश में कांग्रेस ने उस सरकारी फ़रमान को तुगलकी कहते हुए आलोचना की है, जिसमें इंदौर के दो सौ प्रायवेट कॉलेजों को मोदीजी की महू रैली में सौ-सौ विद्यार्थी भेजने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि उसने व्यवस्था के लिए एनसीसी और एनएसएस के वॉलंटियर्स भेजने के लिए कहा है। कृपया रैली में एकत्र होने वाली उस अपार भीड़ का हिसाब लगाएँ जिसकी व्यवस्था के लिए पुलिस, प्रशासन और पार्टी के अलावा अकेले इंदौर से बीस हज़ार छात्र वॉलंटियर्स की ज़रूरत पड़ रही है?

प्रश्न 2: दिल्ली की भूतपूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित 15 अप्रैल से देश की राजधानी में शुरू होने वाली ऑड-ईवन फ़ॉर्मूले वाली व्यवस्था को आम आदमी पार्टी की नौटंकी बता रही हैं। केजरीवाल इसी नौटंकी के कारण अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका फॉर्च्यून में दुनिया की पचास प्रभावशाली हस्तियों में अपनी जगह बना चुके हैं। विदेशों में भी सराहे गए प्रयोग को अपने देश मे आलोचना क्यों झेलनी पड़ रही है- क्योंकि कांग्रेस और भाजपा जिन्हें केजरीवाल ने दिल्ली के चुनावों में धूल चटा दी, वे प्रशंसा कैसे कर सकते हैं? या यह फ़ॉर्मूला सचमुच बेमतलब सा है या प्रयोग को सफल बनाने वाली दिल्ली की जनता समझदार नहीं है? विवेचना करें।

प्रश्न 3: नोएडा का आम्रपाली बिल्डर ग्राहकों को मकान नहीं दे रहा तो बेचारे उपभोक्ता ब्रान्ड एम्बेसेडर महेंद्र सिंह धोनी के पीछे पड़ गए। सरकार गुमराह करने वाले विज्ञापनों में उत्पाद की तस्दीक़ करने वाले सेलिब्रिटीज़ पर जुर्माना और सज़ा का क़ानून बनाने वाली है। क्या कभी वोट लेने के लिए किए गए वायदों के पूरा न होने पर नेताओं के ख़िलाफ़ भी कार्यवाही करने का नियम बनाया जाएगा? या चुनाव जीतने के बाद किसी नेता को कदाचार के कारण सज़ा होने पर उसके लिए वोट माँगने वाले सेलिब्रिटी को भी उत्तरदायी ठहराने की कल्पना की जा सकती है? पचास शब्दों में बताएँ।

प्रश्न 4: हार्ले डेविडसन मोटर सायकल पर भारत भ्रमण के लिए निकली राजस्थान की दो बच्चों की मां वीनू पालीवाल मध्यप्रदेश में विदिशा जिले के ग्यारसपुर ग्राम के निकट सड़क के ख़तरनाक मोड़ पर बाइक फिसल जाने से अकाल मृत्यु को प्राप्त हो गईं। इस मोड़ पर पहले भी हादसे हो चुके हैं। इसलिए सड़क निर्माण में किसी तकनीकी त्रुटि से इनकार नहीं किया जा सकता है। मुख्यमंत्री के गृह जिले के गाँव में सड़क के इस संभावित दोष को दूर करने का मन सरकार कितनी दुर्घटनाओं के बाद बनाएगी? या विशेषज्ञ ग्यारसपुर के इस मोड़ को सभी तकनीकी दृष्टिकोण से क्लिनचिट दे चुके हैं? संक्षेप में बताएँ।

प्रश्न 5: महाराष्ट्र में भयंकर सूखा झेल रहे मराठवाड़ा को दस लाख लीटर पानी रोज़ देने की पेशकश करने से पहले केजरीवाल अपने वोटरों की प्यास तो बुझा दें, फिर किसी और की चिंता करें। अव्यावहारिक सा प्रस्ताव देकर दिल्ली के मुख्यमंत्री राजनीति के खेल में कौन सा तमग़ा हासिल करना चाहते हैं? आशा के अनुरूप महाराष्ट्र सरकार ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। क्या केजरीवाल अब इस बात का ढोल पीटेंगे कि पानी पहुँचाने की उनकी मदद किसी ने नहीं ली?  क्या वे इसे दलगत राजनीति का स्वार्थ बताकर अपनी राजनैतिक रोटियाँ सेंकेंगे? सहमति या असहमति दर्ज कराएँ।

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