हनुमान जयंती: मंदिरों में ‘बजरंगबली’ की जय जयकार

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पूजे जाने वाले भगवान हनुमानजी की जयंती शुक्रवार को हर जगह बड़े ही धूमधाम से मनाई जा रही है। इस अवसर पर सभी मंदिरों को फूलों और लाइटों से बहुत ही सुंदर सजाया गया है और एक दिन पहले गुरुवार से ही मंदिरों में अखंड रामायण का पाठ भी शुरू किया गया है। साथ ही, मंदिरों में भजन एवं कीर्तन किए जा रहे हैं।
हनुमान जयंती का अवसर पवनपुत्र हनुमान के जन्मोत्सव के रुप में पूरे देश में बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर मंदिरों में स्थापित रामभक्त हनुमान की प्रतिमा को भगवा रंग के वस्त्र पहना कर सजाया गया है। मंदिरों में आज दिनभर चलने वाले पूजा-पाठ के बाद शाम को महाआरती का आयोजन किया जाएगा। हनुमानजी के जन्मोत्सव को लेकर भक्तों में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। इस अवसर पर जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।
शास्त्रों के अनुसार, हनुमान जयंती शुक्ल पक्ष के पंद्रहवें दिन भगवान हनुमान के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। भगवान हनुमान शक्ति और ऊर्जा के परिचायक हैं। आज के दिन सभी भक्तों को अपने सिर पर सिंदूर का तिलक लगाना चाहिए। भगवान राम के लिए हनुमान जी के स्वार्थहीन सेवा को सभी जानते हैं। रामायण और महाभारत के अलावा और भी कई धार्मिक ग्रंथों में भगवान हनुमान का उल्लेख आता है। इनकी पूजा केवल भारत में ही नहीं बल्कि दक्षिण पूर्व एशिया में भी इसी श्रद्धा से की जाती है।
पंडितों के मुताबिक, फल समझ सूर्य को खाने चले भगवान हनुमान के बचपन की कहानी कौन नहीं जानता। हनुमान जी को यदि सिंदूर लगाया जाए तो यह मनोकामना पूरी करते हैं। हनुमान बाल ब्रह्मचारी थे। इसलिए उनकी पूजा केवल पुरुष ही कर सकते हैं महिलाएं पूजा कर सकती हैं पर उन्हें मूर्ति को छूने की इजाजत नहीं।

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