पार्थिव शिवलिंग की पूजा से नष्ट होता है असाध्य रोग

गंगा को पवित्र रखने और उनकी अविरल धारा को निरंतर बहने तथा विश्वजन कल्याण की कुशलता को अग्निदेव द्वारा पिंगलेश्वर महादेव का दर्शन व पूजन करने वाले प्राणी का कुष्ठ सहित सभी प्रकार के क्षयरोग नष्ट हो जाते हैं। उक्त विचार पुरूषोत्तम मास में नैतिक विकास शोध संस्थान के तत्वावधान में त्रिवेणी रोड बांध के नीचे स्थित गुरूदेव दत्तात्रेय मंदिर प्रांगण में जारी पार्थिव शिवलिंग निर्माण करने वाले भक्तों को संबोधित करते हुए हरि नारायण दास जी महाराज ने व्यक्त किया।

उन्हांेने कहा कि अग्निदेव को पिंगलाक्ष नाम से जाना जाता है, भगवान शिव ने अग्निदेव पर कृपा की। अग्निदेव की कठिन तपस्या को देखकर सभी देवताओं ने भगवान शिव से प्रार्थना की कि हे देवाधिदेव, अग्निदेव हम लोगों के मुख हैं इन्हीं के द्वारा हम लोगोें को हवन के रूप में भोजन मिलता है इन्हंे इस समय अनेक रेागों से भारी कष्ट हो रहा है इसलिए इनकी सभी रोगों को दूर कर हम सभी देवों की रक्षा करें। तब भगवान शिव ने कहा कि अग्निदेव जो वरदान तुम्हें मांगना हो मांग लो और आज से अग्नि देव में सदैव मेरा अंशमान विद्यमान रहेगा। इसलिए जो भी लोग मेरे इस रूप का दर्शन करेंगे उनके तमाम असाध्य रोेगों का हरण हो जायेगा।

महाराज ने कहा कि समस्त लोगों को पुरूषोत्तम मास में पार्थिव शिवलिंग के निर्माण में भागीदारी कर भगवान के तमाम रूपों के अभिषेक का पूर्णलाभ प्राप्त करना चाहिए।

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