योग एक विज्ञान है, इससे जीवन में आएगा सकारात्मक बदलाव: नंदकुमार

भोपाल । भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि योग जीवन में संतुलन बनायें रखनें और सकारात्मक बदलाव लाने का विज्ञान है। योग उत्सव में हर आयु के लोगों की उत्सुकतापूर्ण भागीदारी से स्वस्थ समाज की कल्पना साकार होगी।

उन्होंने कहा कि योग का अर्थ ही शरीर, मन और आत्मा का संतुलन बनाना है। कमोवेश पांच हजार वर्ष पूर्व इसका अनुसंधान भारत में होने के बावजूद इसकी प्रासंगिकता आज सबसे अधिक है। यही कारण है कि जब अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने योग की धाराप्रवाह ढंग से प्रामाणिकता के साथ महिमा बताई उससे आज विश्व के 177 देश 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योग करनें के लिए तत्पर है। इससे बड़ी प्रसन्नता की बात क्या होगी कि कोमल आयु के किशोरों, छात्रों के लिए पहली बार राष्ट्रीय योग ओलंपियाड का आयोजन किया जा रहा है। हालांकि इसमें सूर्य नमस्कार और मंत्रोच्चार को प्रधानता नहीं दी गयी है।

उन्होनें कहा कि एक अध्ययन के अनुसार 1.2 करोड़ लोग देश में गंभीर मानसिक रोगों से जूझ रहे है। डिप्रेशन से 5 करोड़ लोग ग्रस्त है, वहीं साढ़े 6 करोड़ व्यक्ति मधुमेह से परेशान है। प्रधानमंत्री ने इस दिशा में गंभीर चिंतन कर नागरिकों की जीवन शैली में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए योग की आवश्यकता प्रतिपादित की है। योग के नियमित अभ्यास से रोग नियंत्रण और व्याधि मुक्ति संभव है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय योग पद्धति को दुनिया में मान्यता दिलाकर मानवता का कल्याण किया है।

नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि योग को धर्म से जोडऩे वाले सही नहीं है। योग भारत की सांस्कृतिक विरासत है, इस पर किसी दल या सम्प्रदाय का ब्रांड नहीं है। योग का पिछले दिनों भले ही इतना व्यापक प्रचार न रहा हो, लेकिन योग प्रचलित रहा है। तब किसी ने इससे किसी धर्म या दल के प्रचार का प्रश्न नहीं उठाया। ऐसे में आज इस पर प्रश्न नकारात्मक मानसिकता के अलावा और क्या कहा जा सकता है।

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