कहारों पर कहर

भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहे राजेन्द्र भाणावत ने सेवानिवृत्ति के बाद स्वच्छंद रूप से कलम चलाई है। समीक्ष्य कृति एक कविता संग्रह है, जिसमें 36 कविताएं संकलित हैं। अपने लंबे सेवाकाल में उन्होंने तमाम तरह की सामाजिक विसंगतियों को महसूस किया।

एक संवेदनशील व्यक्ति के रूप में उन्होंने आम आदमी की पीड़ा को शिद्दत के साथ महसूस किया। यही पीड़ा उनकी रचनाओं में मुखरित हुई है। सही मायनों में रचनाकार राजेंद्र भाणावत ने सामाजिक सरोकारों, सेवा के संकल्प, यात्रा के अनुभवों से हासिल अनुभूतियों को एक संवेदनशील इंसान के रूप में शब्द दिये हैं।

शब्द अाडंबरों से दूर सहज सरल शैली में साफगोई से उन्होंने अपनी बात रखी है। आम आदमी के दु:ख-दर्द को उन्होंने अभिव्यक्ति दी है। नैतिकता व जीवन मूल्यों को स्थापित करने का प्रयास किया है।

पुस्तक : कहारों पर कहर कवि : राजेंद्र भाणावत 0प्रकाशक : साहित्यागार, चौड़ा रास्ता, जयपुर पृष्ठ संख्या : 85 0मूल्य : ~ 150.

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