हंसना ही नहीं, रोना भी सेहत के लिए फायदेमंद

सिर्फ हंसना ही सेहत के लिए फायदेमंद नहीं है, रोने के भी फायदे हो सकते हैं। मिनीसोटा स्थित सैंट पॉल रामसे मेडिकल सेंटर के बायोकेमिस्ट डॉ. विलियम फ्रे ने अपने अध्ययन के आधार पर रोने के कई फायदे खोजे हैं। आमतौर पर तीन तरह के आंसू निकलते हैं – भावनात्मक उद्वेग के कारण आंसू, बैक्ट‌ीरियल अटैक से बचाव के लिए आंसू और किसी बाहरी चीज के आंख में जाने की प्रतिक्रिया। जानें आंसुओं के फायदे।

आंखों के मेमब्रेन के सूखने पर रोशनी कमजोर हो जाती है। आंसू इसे सूखना नहीं देते हैं जिससे आंखों की रोशनी बनी रहती है। आंसुओं में लोसोजोम नामक तत्व होता है जो बाहरी बैक्टीरिया को खत्म करने में 90 से 95 प्रतिशत तक सफल होता है

तनाव की अवस्था में रो लेने से आंसुओ के साथ एड्रेनोकॉर्टिकोट्रोपिक और ल्यूसीन एनसिफलिन जैसे हार्मोन निकलते हैं जिससे तनाव दूर होता है। बाहरी केमिकल से बचाव भी आंसू करते हैं। इसीलिए प्याज से निकलने वाले केमिकल या धूल के संपर्क में आंसू आते हैं जिससे आंखे सुरक्षित रहती हैं।

भावनात्मक कारणों से निकलने वाले आंसुओं में एल्बुमिन प्रोटीन की मात्रा 24 प्रतिशत अधिक होती है जो मोटाबॉलिज्म प्रभावित करता है।परेशानी के दौरान रोने से दिमाग, दिल और लिंबिक सिस्टम का काम स्मूथ हो जाता है जिससे आराम लगता है।

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