बूंद में समाई बूंद : अनिल गुलाटी का फोटो

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बारिश क्‍या है? आसमान से ख्‍वाहिशों का बूंद-बूंद बरसना। ये बूंदें धरती को हरियाती हैं। इन्‍हें देख अरमानों का अंकुरण होता है। प्रदेश में सावन की झड़ी में बूंदों की झमाझम है। ऐसे में सृजनशील प्रकृति नित कुछ ऐसा रच देती है जो हमें हैरत में डाल देता है। ऐसा ही दृश्‍य है यह। जब एक कोमल शाख पर जमी बूंदों की लड़ी बहुत कुछ कह रही है। हर बूंद में हरी पत्‍ती का प्रतिबिम्‍ब है। एक बूंद तो ऐसी भी है जिसके अंदर एक बूंद है … बूंद में समाई एक और बूंद। प्रकृति के ऐसे दृश्‍य दुर्लभ हो जाते हैं अगर हमारे पास इन्‍हें कैद करने की दृष्टि और कैमरा न हो। लेकिन फोटोग्राफर अनिल गुलाटी का धैर्य ऐसा अनूठा दृश्‍य अंकित करने में कामयाब हो गया।

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