झिलमिलाती झांकियों से रात भर जगमगाया इंदौर शहर

इंदौर। दशकों से चली आ रही शहर की परंपरा को इस बार भी कपड़ा मिलों के श्रमिकों ने अनेक दिक्कतों के बाद भी जीवित रखा। गुरुवार की रात जब झिलमिलाती झांकियों के बीच शहर की सड़कों पर यह परंपरा जगमगाई तो हर कोई कह उठा कि यह इंदौर शहर की शान है। शाम से शुरू हुआ झांकियों और अखाड़ों के निकलने का सिलसिला अलसुबह तक चलता रहा।

अनंत चतुर्दशी पर गुरुवार शाम 6 बजे नयनाभिराम झांकियों का कारवां सड़कों क़ों पर निकला जिन्हें लाखों लोगों ने निहारा। चल समारोह में शामिल अखाड़ों के पहलवानों और कलाकारों ने  हैरतअंगेज करतब दिखाकर हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उधर पुलिस-प्रशासन द्वारा झांकी मार्ग पर वॉच टावर और ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की गई। झांकी मार्ग पर 13 वॉच टावर बनाए गए। इन पर पुलिस के साथ डॉक्टर भी तैनात थे। प्रमुख चौराहों पर डॉक्टरों के साथ एम्बुलेंस भी मौजूद रही।

झांकियों के कारवां में सबसे आगे खजराना गणेश मंदिर की झांकी थी। इनके पीछे आईडीए, होप टेक्सटाइल (भंडारी मिल), नगर निगम, कल्याण मिल, साईंनाथ सेवा समिति, कनकेश्वरी इंफोटेक नंदानगर सहकारी साख समिति, मालवा मिल, स्वदेशी मिल, राजकुमार मिल, हुकमचंद मिल, जैन समाज संगठन, जय हरसिद्धि मां सेवा समिति की झांकियां निकाली गई।

प्रशासन ने दोपहर 2 बजे से झांकी मार्ग की ओर जाने वाले बड़े वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया गया जबकि शाम 5 बजे से दोपहिया वाहन प्रतिबंधित रहे। प्रशासन और पुलिस ने वाहनों की रोकथाम के लिए बैरिकेट्स लगाए हैं। दोपहर से ही यहां पुलिस जवान तैनात कर दिए गए। कोई भी व्यक्ति झांकी मार्ग पर शाम 5 बजे के बाद वाहनों के साथ नहीं जा सका।

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