जाट आरक्षण: अनिश्चितकालीन धरना 23वें दिन भी अड़े आंदोलनकारी

चंडीगढ़। हरियाणा में आरक्षण सहित छह मांगों को लेकर जाटों का अनिश्चितकालीन धरना 23वें दिन सोमवार को भी जारी है। जाट समुदाय के नेता व सरकार केे बीच आज पानपीत में द्वितीय चरण की वार्ता भी होनी है। जिसमें लोगों को समस्या के हल निकलने की कुछ उम्मीद की किरण नजर आ रही है। वार्ता के पहले सरकार ने जाट आरक्षण आंदोलन में घायल लोगों को मुआवजा देने की घोषणा करके सकारात्मक रूख का संकेत दिया है। यही नहीं सरकार द्वारा मुख्यसचिव की अध्यक्षता में गठित वार्ता कमेटी ने भी खासा होमवर्क किया है।

वहीं दूसरी तरफ आंदोलनकारियों द्वारा रविवार को अपनी रणनीति का खुलासा कर दिया गया है। जिसमें संसद का घेराव करने के साथ ही दिल्ली में दुध व सब्जी की सप्लाई बंद करना शामिल है। इसको देखते हुए प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। रविवार को सभी धरना स्थलों पर आंदोलनकारियों द्वारा बलिदान दिवस मनाया गया था। धरना स्थलों पर हवन करके जाट आरक्षण आंदोलन में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी गयी थी। जाटों द्वारा रविवार को सभी धरना स्थलों पर भीड़ जुटाकर अपनी शक्ति प्रदर्शन किया गया। जिसको देखते हुए सरकार ने पूरे प्रदेश में तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। संवेदनशील आठ जिलों में सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के हाथों में कमान सौंप दी थी। सोनीपत में प्रशासन ने इंटरनेट पर प्रतिबंध लगा दिया था। जिसे रविवार को देर रात्रि उपायुक्त ने हटा दिया।

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