रालोद सब्र करता तो गठबन्धन का हिस्सा होता : गुलाम नबी

लखनऊ। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने विधानसभा चुनाव में गठबन्धन को लेकर नया खुलासा किया है। उन्होंने अपने एक बयान में कहा कि राष्ट्रीय लोकदल अगर दो दिन का सब्र कर लेता तो वह भी समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के गठबन्धन कहा हिस्सा होता। आजाद ने यह कहा कि वर्ष 2019 में भी सपा-कांग्रेस का गठबंधन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि एक ऑपशन बहुजन समाज पार्टी (बसपा) भी साथ रहती लेकिन वह नहीं मानी।

उन्होंने कहा कि अगर सपा कांग्रेस अलग-अलग लड़ती तो इसका सीधा फायदा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिलता। इसलिए साम्प्रदायिक ताकतों को दूर करने के लिए कांग्रेस और सपा साथ-साथ आये हैं। इससे पहले रालोद के महासचिव जयन्त चौधरी ने बयान दिया था कि उनकी पार्टी पहले गठबन्धन में शामिल होना चाहती थी, क्योंकि मुलायम सिंह यादव ने फोन पर इसके लिए रोते हुए गुहार लगाई थी। उस समय सपा में अखिलेश गुट और शिवपाल समर्थकों में सियासी झगड़ा अपनी चरम पर था। जयन्त ने कहा था कि सपा-कांग्रेस गठबन्धन ने हम पर लाठी मारी है, लेकिन रालोद कमजोर नहीं हुआ है। बल्कि हम ज्यादा मजबूत हुए हैं और लाठी तोड़ देंगे। उन्होंने कहा था कि अगर आपका दोस्त रोकर मदद मांगे तो क्या आप इनकार कर देंगे? चौधरी अजित सिंह साहब ने कुछ भी गलत नहीं किया। उन्होंने दो मिनट में सपा के साथ गठबन्धन का निर्णय किया, क्योंकि मुलायम सिंह यादव फोन पर रो रहे थे और मदद की गुहार लगा रहे थे। वहीं अब रालोद लगातार अखिलेश यादव पर निशाना साध रहा है।

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