नरोत्तम मिश्रा को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के फैसले पर लगाई रोक

भोपाल/नई दिल्ली। पेड न्यूज मामले में मध्य प्रदेश के जनसम्पर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा को देश की शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को बड़ी राहत प्रदान करते हुए उनके खिलाफ चुनाव आयोग द्वारा दिए गए फैसले पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली हाईकोर्ट को यह निर्देश दिए हैं कि पूरे मामले की जानकारी लेकर दोनों पक्षों की सुनवाई करते हुए इस मामले का दो सप्ताह के निपटारा किया जाए।

उल्लेखनीय है कि पेड न्यूज मामले में में शिकायत मिलने पर चुनाव आयोग ने प्रदेश के जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का 2008 का विधानसभा चुनाव शून्य घोषित करते हुए उन्हें तीन साल तक चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिया था। इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मंत्री डॉ. मिश्रा ने गुहार लगाई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मामले को दिल्ली हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया, जहां उन्हें कोई राहत नहीं मिल पाई और वे राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा लेने से वंचित रह गए। इसके बाद डॉ. मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां शुक्रवार को सुनवाई हुई और सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के फैसले पर रोक लगा दी।

दरअसल, मंत्री डॉ. मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी कि चुनाव आयोग ने एक कमेटी बनाकर अचानक फैसला दिया है और यह फैसला 2008 के चुनावों को लेकर है, जबकि इसके बाद 2013 में भी चुनाव हुए और उन्होंने उसमें जीत दर्ज की और अब प्रदेश में मंत्री का दायित्व संभाल रहे हैं, लेकिन चुनाव आयोग ने उनकी विधायकी समाप्त करते हुए उन पर चुनाव लड़ऩे के लिए तीन साल का बैन लगा दिया है, जिससे वे अपना मंत्री पद नहीं संभाल पा रहे हैं। इसी याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय में शुक्रवार को सुनवाई हुई और डॉ. मिश्रा के वकील ने अपना पक्ष रखा, जिसके बाद शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग के फैसले पर रोक लगा दी और दिल्ली हाईकोर्ट को दो सप्ताह में मामले का निपटारा करने के निर्देश दिए।

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