बाढ़ से मारवाड़ में 15 लोगों की मौत, सेना ने 27 को बचाया

जोधपुर। जालौर, सिरोही, पाली और बाड़मेर जिलों में अभी तक वर्षा जनित हादसों 15 लोगों की मौत हो चुकी है। सेना ने दक्षिण पश्चिम और दक्षिण पूर्वी राजस्थान से 27 लोगों को बचाया और इन क्षेत्रों में स्थिति में धीरे धीरे सुधार हो रहा है जहां पिछले दो दिनों से हो रही भारी वर्षा से बाढ़ जैसी स्थिति थी।

राहत सचिव हेमंत गेरा ने बताया कि जालौर, सिरोही, पाली और बाड़मेर जिलों में अभी तक वर्षा संबंधी घटनाओं में 15 लोगों की मौत हुई है, 640 को बचाया गया और 2225 को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जवाई बांध की गेट खोले जाने की संभावना को देखते हुए जालौर जिले में एलर्ट जारी कर दिया गया है।

इसके साथ ही चारों जिलों में आठ हजार से अधिक लोगों को भारी वर्षा से पहले सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। गेरा ने सूचित किया कि इन जिलों में 507 लोग 20 राहत शिविरों में रह रहे हैं। बुधवार को किसी की मृत्यु होने की सूचना नहीं मिली जबकि कुछ लोगों को जालौर के जलमग्न गांवों से बचाया गया और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। जालौर के जिला कलेक्टर लक्ष्मीनारायण सोनी ने बताया कि सेना और जिला प्रशासन ने 27 लोगों को विभिन्न स्थानों से बचाया।

प्रभावित जिलों में कई गांव अभी भी पानी से घिरे हुए हैं और कोई सडक़ सम्पर्क नहीं है। सोनी ने कहा, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों को इन क्षेत्रों में राहत अभियान में लगाया गया है। प्रभावित लोगों को खाने के पैकेट और पेयजल मुहैया कराया जा रहा है। इस बीच जोधपुर और उदयपुर संभागों में कल से छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हुई है। जोधपुर में आज बादल छाए हुए दैं और दोपहर बाद बारिश हो सकती है। शनिवार को भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है। सिरोही और जालौर जिलों में भारी बारिश का दौर थम गया है। वहीं कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने के समाचार है ।

लूणी नदी उफान पर, मंत्री ने लिया जायजा

बाड़मेर में लूणी नदी का जलस्तर लगातार तेजी से बढ़ रहा है। लूणी नदी का जलस्तर गुरुवार को 10 फीट जा पहुंचा है। पंजाब गुजरात को जोड़ने वाला मेगा हाईवे पुल के नीचे करीब 13 फीट पानी बह रहा है। जानकारी के अनुसार, समदड़ी, जेठंतरी और कनाना में पानी के बहाव में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

राजस्व मंत्री अमराराम चौधरी और सिवाना विधायक हमीरसिंह भायल, बालोतरा उपखण्ड अधिकारी प्रभातीलाल जाट ने आज नदी का जायजा लिया एवं लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी। वहीं बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशाशन लगातार नजर बनाए हुए है। सूत्रों ने बताया कि अभी भी नदी के पानी में बढ़ोतरी हो सकती है। बालोतरा जसोल को जोड़ने वाले पुल के ऊपर से आने जाने पर प्रशासन ने पाबंदी लगा दी है व पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया है।

उधर, बाड़मेर के शिव क्षेत्र के ग्राम पंचायत राजडाल जीएसएस से जुड़े दस गांवों को सात दस दिन से अंधेरे मे रात बितानी पड़ रही है। लोगों के विद्युत यंत्र भी शो-पीस बनकर रह गए हैं। आपूर्ति बहाल नहीं होने से लोगों में रोष पनपने लगा है। उन्होंने शीघ्र आपूर्ति बहाल नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दे डाली है।

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