शहीद जगराम का हुआ अंतिम संस्कार, उमड़ा जन सैलाब

मुरैना। विगत दिनों जम्मू कश्मीर के पुंछ सेक्टर में पाकिस्तान की गोलीबारी में शहीद हुए मुरैना जिले के गांव तरसमा के नायब सूबेदार जगराम सिंह तोमर का सोमवार को सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। शहीद को अंतिम विदाई देने पूरे गांव के साथ आसपास के क्षेत्र के भी हजारों की संख्या लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। उनकी अंतिम विदाई में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री रूस्तम सिंह और जिला कलेक्टर के साथ कई अधिकारी भी शामिल हुए।

मुरैना जिले के तरसमा गांव के नायब सूबेदार जगराम सिंह तोमर जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में तैनात थे। शनिवार की रात पाकिस्तान द्वारा की गई गोलीबारी में उनकी मौत हो गई थी। सोमवार सुबह ग्वालियर से उनका पार्थिव शरीर मुरैना पहुंचा और यहां से उनके पैतृक गांव तरसमा लाया गया। इस दौरान क्षेत्र के अनेक गांव वालों ने सड़क के दोनों तरफ खड़े होकर शहीद को श्रद्धांजलि देते हुए उन पर पुष्पवर्षा की। पैतृक गांव से उनकी अंतिम यात्रा निकली, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। इसके बाद स्थानीय विश्राम घाट में सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

इधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहीद जगराम के परिवार को एक करोड़ रुपये की राशि देने घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को ट्वीट कर जगराम के परिवार को एक करोड़ रुपये के साथ एक मकान और परिवार के एक सदस्य को योग्यता के अनुसार नौकरी देने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद जगराम मुरैना के ही नही हैं बल्कि प्रदेश के भी गौरव हैं। मध्यप्रदेश सरकार उनके परिवार के साथ हैं और उन्हें हर संभव मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद जगराम की स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने के लिए उनकी प्रतिमा स्थापित की जाएगी और उनके नाम पर उस स्थान का नामकरण होगा।

शहीद जगराम के भाई मंगल ने बताया कि रक्षाबंधन पर जगराम को घर आना था, लेकिन हाल ही में उनका प्रमोशन हुआ था और पाकिस्तान द्वारा लगातार की जा रही घुसपैठ के चलते उन्हें छुट्टी नहीं मिली, इसलिए वे रक्षाबंधन पर नहीं आ सके। जगराम के दो भाई सेना में थे और अब रिटायर होकर अपने पैतृक गांव में ही रहते हैं। जगराम के परिवार में उनकी पत्नी ओमवती, दो बेटी और एक नौ वर्ष का बेटा है। शहीद को अंतिम विदाई देने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री रूस्तम सिंह ने जगराम की पत्नी और बच्चों को ढांढस बंधाया और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY