अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान, याद आ रहा दिग्विजय का शासन काल

जबलपुर। शहर में पिछले कुछ महीनों से चल रही अघोषित बिजली कटौती ने लोगों को एक बार फिर दिग्विजय सिंह के शासनकाल की याद दिला दी है। किसी भी समय बिजली गुल होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कभी मेंटेनेंस के नाम पर तो कभी फाल्ट के नाम पर घंटों परेशानी झेलने के कारण घर-घर में गुस्सा भड़क रहा है। विद्युत वितरण कंपनी का आए दिन शहर के किसी न किसी संभाग में किया जाने वाला मेंटेनेंस अब लोगों की समझ से परे है।

जिस संभाग में मेंटेनेंस के एक दिन घंटों का शट डाउन लिया जाता है, उस संभाग के मेंटेनेंस वाले फीडर के उपभोक्ताओं को व्यवस्था में कोई सुधार नजर नहीं आता। मेंटेनेंस के बाद भी न तो उनकी वोल्टेज की समस्या खत्म होती है और न ही कई मर्तबा बिजली की आंख मिचौली से राहत मिलती है। इससे पूर्व प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी, जिसे बिजली कटौती जैसी समस्याओं के कारण सत्ता से बाहर होना पड़ा था। ऐसे ही हालत पिछले कुछ महीनों से फिर बनने लगे हैं। ये बात शहर के वरिष्ठ भाजपा नेताओं को भी समझ आ रही है किंतु वे मजबूरी के कारण विरोध नहीं कर पा रहे हैं। वहीं कांग्रेस भी अब तक कोई दमदार विरोध दर्ज नहीं करा सकी। डॉ. राम मनोहर लोहिया वार्ड कांग्रेस कमेटी के वार्ड अध्यक्ष शुभम पटेल ने अन्य कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर विजयनगर हाट बाजार स्थित बिजली कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कांग्रेस कमेटी के सचिव सचिन यादव ने कहा कि बिजली कंपनी उपभोक्ताओं को कटौती और अनाप-शनाप बिजली बिलों की दोहरी मार झेल रही है।

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