केन्‍द्र व मप्र की सरकार गरीबों व किसानों के लिए समर्पित : मंत्री तोमर

चित्रकूट/सतना। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने सही अर्थों में किसानों, गरीबों और नौजवानों की चिंता की है। केन्द्र व मध्यप्रदेश की सरकार गरीबों व किसानों के लिए समर्पित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नए भारत के निर्माण को लेकर ‘‘संकल्प से सिद्धि’’ का जो मंत्र दिया है उसमें युवा, महिलाएं, मजदूर, प्रबुद्ध वर्ग और किसान सहित हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित है। नए भारत के निर्माण में किसानों को संकल्प से सिद्धि के मंत्र को साकार करना होगा। 5 वर्षों में किसानों की आय को दोगुना करने के प्रधानमंत्री के संकल्प को एक अभियान के रूप में भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के कार्यकर्ता किसानों तक लेकर जाएं और उसे धरातल पर उतारने में किसानों की मदद करें। यह बात केन्द्रीय ग्रामीण विकास, पंचायती राज व खनन मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने शनिवार को दीनदयाल शोध संस्थान चित्रकूट में किसान मोर्चा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक का उदघाटन करते हुए कही।

बैठक में सांसद व मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह मस्त, प्रदेश शासन के किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री गौरीशंकर बिसेन, प्रदेश महामंत्री अजय प्रताप सिंह, प्रदेश मंत्री व किसान मोर्चा प्रभारी रघुनाथ भाटी, सांसद एवं किसान मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती सावित्री ठाकुर, सांसद गणेश सिंह, जनार्दन मिश्रा, मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रणवीर सिंह रावत, पं. दीनदयाल शोध संस्थान के सचिव अभय जैन, सतना महापौर ममता पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में मोर्चा के पदाधिकारी उपस्थित थे।

तोमर ने कहा कि कृषि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। विश्व मंदी में दुनिया के संपन्न देश की अर्थव्यवस्था लड़खड़ा गई थी लेकिन ग्रामीण अर्थव्यवस्था के चलते भारत में इसका असर कम देखने को मिला। आजादी के 70 साल में गांवों एवं कृषि क्षेत्र में जितनी अपेक्षित प्रगति होनी चाहिए थी उतनी नहीं हो पायी। इन 70 वर्षों में कृषि के बारे में खूब चर्चा हुई लेकिन धरातल पर परिणाम देखने को नहीं मिले। कृषि क्षेत्र में विकास और विस्तार हो सकता था लेकिन राजनैतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण वह संभव नहीं हो पाया, लेकिन अब हमारी सरकार आने के बाद कृषि क्षेत्र में नवाचार हुए है। किसान संपन्नता की ओर अग्रसर हुआ है। भारतीय जनता पार्टी की सरकारों ने संवेदनाओं के साथ किसानों के कल्याण का रोडमैप तैयार किया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के लिए फसल बीमा योजना की विसंगतियों को न सिर्फ दूर किया बल्कि नई फसल बीमा योजना से खेत से लेकर मंडी तक किसान की उपज को सुरक्षा कवच देने का काम किया है। केन्द्र सरकार की जन धन खाता योजना में 30 करोड़ खाते में 62 हजार करोड़ रुपये जमा हैं। डीबीटी द्वारा 75 हजार करोड़ की अनुदान राशि सीधे बैंक खातों में पहुंच रही है। महात्मा गांधी स्वच्छता के आग्रही थे, उनकी परिकल्पना को मूर्त रूप देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश भर में जो स्वच्छता अभियान चलाया है उसके फलस्वरूप देश भर के 195 जिले और 2.5 लाख गांव खुले में शौच से मुक्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भ्रष्टाचार, कालाधन, आंतकवाद से लड़ने के लिए योजनाबद्ध ढंग से आगे बढ़ रही है।
तोमर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने पहली बार एक राष्ट्र, एक कर की परिकल्पना करते हुए जीएसटी पर एक समिति गठित की थी। यूपीए सरकार आने के बाद भ्रष्टाचार पर कांग्रेस की ढुलमुल नीति से योजना आगे नहीं बढ़ी, लेकिन हमारी सरकार में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृढ़ संकल्प से जीएसटी लागू हो गया है। भविष्य में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को म श्री तोमर ने कहा कि देश में ऐसा पहली बार देखने को मिला है कि सरकार की उम्र बढ़ने के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ग्राफ तेजी से देश-दुनिया में बढ़ रहा है। श्री तोमर ने कार्यसमिति सदस्यों को नए भारत के निर्माण का संकल्प दिलाया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के किसानों के लिए दिन रात काम करते है। कांग्रेस के समय प्रदेश में सिंचाई का रकबा साढ़े सात लाख हेक्टेयर हुआ करता था। शिवराज सरकार के प्रयासों से आज सिंचाई का रकबा 40 लाख हेक्टेयर तक पहुँच चुका है। प्रदेश को अच्छे उत्पादन के लिए पांच बार कृषि कर्मण पुरस्कार मिला है। यह मुख्यमंत्री द्वारा किसानों के लिए किए गए प्रयास और किसानों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि खेती लाभ का धंधा बने, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले। इसके लिए प्रदेश सरकार में भावांतर भुगतान योजना बनाई है। मध्यप्रदेश में किसान हितैषी मुख्यमंत्री शिवराज की पहल से कृषि क्षेत्र में अद्वितीय काम और सरकार द्वारा ऐतिहासिक निर्णय हुए है।

किसान मोर्चा के अध्यक्ष रणवीर सिंह रावत ने कहा कि कांग्रेस की किसान विरोधी नीतियों के कारण बड़े स्तर पर किसान खेती से पलायन कर चुके हैं। केन्द्र में नरेन्द्र मोदी और प्रदेश के यशस्वी किसान पुत्र मुख्यमंत्री चौहान ने किसानों को केंद्र में रखकर जो नीतियां तैयार की हैं, उसकी बदौलत आज मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में औसत 20 प्रतिशत की कृषि विकास दर के साथ आगे बढ़ रहा है। चौहान के नेतृत्व में सिंचाई, बिजली, सड़क और आपदा प्रबंधन पर ध्यान दिया गया है। किसानों के लिए कृषि, बागवानी, पषुपालन, मस्त्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण आदि क्षेत्रों में नवीन योजनाएं लाकर उन्हें लाभकारी बनाया है। किसान मोर्चा का दायित्व है कि गांव-गांव जाकर योजनाओं का सफल क्रियान्वयन कराएं। उन्होंने कहा कि मोर्चा शिविर और चौपाल लगाकर किसानों तक योजनाओं को पहुंचाने का काम करेगा, जिससे किसानो को अतिरिक्त लाभ होगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ नौ कन्याओं का पूजन से किया गया। तदुपरांत भगवान बलराम, डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और नानाजी देशमुख के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर और माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन मोर्चा के महामंत्री विनोद सिंह जादौन ने किया। कृषि प्रस्ताव महामंत्री कैलाश पाटीदार ने रखा जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।

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