नर्मदा में नहीं होगा प्रतिमाओं का विसर्जन, लगाया प्रतिबंध

जबलपुर। जिला दण्डाधिकारी व कलेक्टर महेश चन्द्र चौधरी ने नर्मदा नदी को प्रदूषण से बचाने तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण सेन्ट्रल जोन बैच भोपाल के निर्देशों एवं केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नई दिल्ली द्वारा जारी गाइड लाइन के परिप्रेक्ष्य में जबलपुर जिले की राजस्व सीमा के भीतर नर्मदा नदी में तथा नर्मदा नदी पर बने बरगी बांध की बाएं व दाएं तट नहर में किसी भी स्थान पर प्रतिमाओं के विसर्जन को दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144(1) के तहत आदेश जारी कर प्रतिबंधित कर दिया है।

जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेश के मुताबिक प्रतिमाओं का विसर्जन इसके लिए बनाए गए विसर्जन कुण्डों व अधिकृत तालाबों पर ही किया जा सकेगा। प्रतिबंधात्मक आदेश में कहा गया है कि इन स्थानों पर भी प्रतिमाओं के विसर्जन के पूर्व पूजन सामग्री जैसे फल-फूल, नारियल, आभूषण एवं प्लास्टिक से निर्मित सजावट के सामान को अलग-अलग एकत्रित किया जाएगा तथा इन सामग्रियों का निपटान ठोस अपशिष्ट नियम-2000 के प्रावधान के अनुसार स्थानीय निकायों द्वारा किया जाएगा।

प्रतिबंधात्मक आदेश में जिला दण्डाधिकारी ने कहा है कि विसर्जन कुण्डों एवं अधिकृत तालाबों में प्रतिमाओं के विसर्जन के 24 घंटे के भीतर विसर्जित मूर्ति एवं प्रतिमाओं से उत्पन्न अपशिष्ट जैसे बांस, रस्सी, मिट्टी, पीओपी आदि हिस्सों को एकत्रित कर उनका निपटान ठोस अपशिष्ट अधिनियम-2000 के प्रावधानों के परिप्रेक्ष्य में स्थानीय निकायों द्वारा किया जाएगा।

जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। आदेश में कहा गया है इसका उल्लंघन भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 188 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध होगा।

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