पांच दिवसीय उमा-सांझी महोत्सव शुरू

उज्जैन। भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में हर साल महाकालेश्वर मंदिर में उमा-सांझी महोत्सव मनाया जाता है। परम्परा के मुताबिक इस साल भी महाकाल मंदिर के सभामंडप में शनिवार को देर शाम उमा माता की विधिवत पूजन-अर्चन के साथ पांच दिवसीय उमा-साझी महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इस महोत्सव में देर तक विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं।

उमा-साझ महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर उमा माता की पूजा-अर्चना पं. घनश्याम पुजारी के आचार्यत्व एवं राधेश्याम शास्त्री व चन्द्रमोहन पुजारी आदि के द्वारा संपन्न की गई। पूजन-अर्चन में महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रभारी प्रशासक क्षितिज शर्मा एवं उनकी धर्म पत्नि शामिल हुए। तत्पश्चात पं. घनश्याम पुजारी ने संझा माण्डन स्थल और मां अन्नपूर्णा माता का पूजन किया। महोत्सव के दौरान उमा माता की प्रतिमा मंदिर के सभामंडप में वाच्छायन गणपति मंदिर में रख कर पांच दिन तक लगातार पूजा-अर्चना की जाएगी।

उमा माता की पीतल की प्रतिमा लगभग 30 किलो से अधिक की है। पूजा-अर्चना के बाद जवारे बोए गए। पूजन-अर्चन के बाद प्रशासक ने पंडितों को दक्षिणा भेंट की। सभामंडप में वाच्छायन गणपति मंदिर के समीप संझा माण्डन का माण्डना हुआ। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूआत हुई। बालकृष्णनाथ ढोलीबुआ महाराज का नारदीय कीर्तन हुआ। यह कीर्तन प्रतिदिन सभामंडप में होगा। कीर्तन के बाद गगन सिंह बैस द्वारा तालवादन संपन्न हुआ। तत्पश्चात पंकज शर्मा के द्वारा शिवमंत्र पर आधारित योग की शानदार प्रस्तुति दी गई। इसके बाद स्वर्णिका जोशी के द्वारा कथक की प्रस्तुति की गई जिसकी दर्शकों के द्वारा भूरीभूरी प्रशांसा की गई।

उमा-साझी महोत्सव में रविवार की शाम पाऊल भजन का कार्यक्रम सुलभा सराफ तथा कथक/लोक नृत्य कु. मिताली वर्मा द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। इसी दिन चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें कनिष्ठ वर्ग आयु छह वर्ष से 14 वर्ष तक के बच्चे शामिल होंगे। इस प्रतियोगिता में विषय रहेगा ‘भारतवर्ष के महापुरूष’ और वरिष्ठ वर्ग आयु 15 से 18 वर्ष तक के बच्चों की प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी और इसमें ‘स्वच्छ भारत’ विषय रहेगा। इसी दिन श्लोक पाठ प्रतियोगिता आयोजित भी की जाएगी।

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