बाढ़ प्रभावित गांवों और पुनर्वास स्थलों पर कलेक्टर-एसपी की नजर

धार। सरदार सरोवर बांध के चलते धार जिले के डूब प्रभावित क्षेत्रों में नर्मदा का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। इसी के मद्देनजर कलेक्टर शुक्ला व पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र सिंह ने डूब प्रभावित क्षेत्रों और पुनर्वास स्थलों पर चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की हैं, साथ ही इन क्षेत्रों पर सतत निगरानी बनाए रखी है। वहीं, आपदा प्रबंधन टीम को भी संभावित खतरों से निपटने के लिए सतर्क किया गया है।

कलेक्टर और एसपी ने गुरुवार को सुबह से देर शाम तक प्रशासकीय अमले के साथ पुनर्वास स्थलों व डूब प्रभावित गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होने विस्थापितों से संवाद कर उनकी समस्याएं जानी। इस दौरान वे मनावर तहसील के बड़दा, कुवाली, पेरखड़ तथा कुक्षी तहसील के चिखल्दा व निसरपुर पहुंचे। कलेक्टर सर्वप्रथम ग्राम बड़दा पहुंचे व नदी के जलस्तर का जायजा लिया। उन्होंने वहां बेक वाटर लेवल, नावों की संख्या, प्रभावित विस्थापित परिवारों व शिफ्ट हुए परिवारों की जानकारी ली तथा समझाइश दी कि अतिरिक्त पैकेज की द्वितीय किश्त का लाभ लेने के लिए प्रभावित क्षेत्र से अपना मकान हटाना पड़ेगा।

उन्होंने सरदार सरोवर की डूब प्रभावित ऐसे पात्र परिवार जिन्होंने अपना मकान पुनर्वास स्थलों या डूब क्षेत्र के बाहर बनाना प्रारंभ कर दिया है, उनके बैंक खाते में तत्काल तीन लाख की प्रथम किश्त जमा कराई जाने तथा पात्रजनों के खातों में राशि जमा कराने में आ रही हर प्रकार की समस्या का निवारण तत्काल बैंको के सहयोग से करवाए जाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। इस दौरान लोगों ने पुनर्वास स्थल पर पेयजल व मकान निर्माण हेतु जल की अनुपलब्धता की समस्या बताई। जिस पर कलेक्टर ने टेंकर उपलब्ध करवाने के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया।

कलेक्टर ने अवैध रेत परिवहन की जानकारी स्थानीय लोगों से ली तथा संबंधित तहसीलदार को निर्देशित कर कहा कि यदि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण के अलावा व्यवसायिक दृष्टिकोण से रेत का अवैध परिवहन हो रहा है, तो उनके विरूद्ध ठोस कार्यवाही की जाए। उन्होंने पुलिस व राजस्व अमले को रात्रि में संयुक्त अभियान चलाकर अवैध रेत परिवहन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कुक्षी तहसील के ग्राम चिखल्दा व निसरपुर में भी डूब प्रभावितों से मिले व उनकी समस्याएं जानी।

इस दौरान उन्होने निसरपुर में उरी बाघरी नदी पर जाकर जल स्तर का जायजा लिया तथा एनडीआरएफ के अधिकारियों से चर्चा कर नावों की संख्या बढ़ाने तथा सारी व्यवस्थाएं चौक-चौबंद रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने डूब प्रभावितों से अनुरोध भी किया कि वे बाढ़ का पानी घर तक आने का इंतजार न करे। समय पर सुरक्षित स्थानों की ओर रवाना हो, जिससे किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि न होने पाए।

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