भूमिगत पाइपलाइन के लिए ‘मार्ग का अधिकार’ संशोधन को मिली मंजूरी

चंडीगढ़। पंजाब मंत्रिमंडल ने किसानों को दूसरों के खेत से होकर भूमिगत सिंचाई पाइपलाइन बिछाने के लिए ‘मार्ग का अधिकार’ प्रदान करने के लिए वर्तमान कानून में संशोधन को मंजूरी प्रदान की। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने अपनी बैठक में पंजाब भूमि सुधार योजना अधिनियम 1963 (1963 का कानून नंबर 23) में संशोधन के तौर पर तृतीय अध्याय में नयी धारा 14 ए जोड़ने को मंजूरी दी।

एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस संशोधन से फसल नुकसान या किसी ढांचे को नुकसान के एवज में वर्तमान बाजार दर पर भुगतान करने मृदा एवं जल संरक्षण विभाग तथा किसानों को ‘मार्ग का अधिकार’ मिल जाएगा।
इस कदम से विभाग या संबंधित किसान दूसरे के खेतों में निर्धारित लाइन पर तीन फुट की गहराई पर भूमिगत सिंचाई पाइपलाइन बिछा पायेंगे। प्रवक्ता ने बताया कि इस संशोधन की इसलिए जरूरत पड़ी क्योंकि भूस्वामी या जमीन पर हक रखने वाले निकाय अक्सर अपनी जमीन के नीचे से भूमिगत पाइपलाइन नहीं जाने देते हैं और दूसरे छोर पर स्थित जमीन को बहु प्रतीक्षित सिंचाई सुविधा से वंचित कर देते हैं।

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