मिट्टी घोटाले मामले की निगरानी विभाग करेगा जांचः सुशील

पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व वन एवं पर्यावरण मंत्री तेजप्रताप यादव के कार्यकाल के दौरान संजय गांधी जैविक उद्यान में 95.75 लाख रूपये के कथित मिट्टी घोटाले की जांच निगरानी विभाग से कराने का निर्णय लिया है। यहां जनता दरबार के बाद सुशील ने कहा​ कि प्रथम दृष्टया में उक्त मामले में भारी अनियमितता बरते जाने के मद्देनजर सरकार ने इसकी जांच निगरानी से कराने का निर्णय लिया है। सुशील के पास वित्त विभाग और वन एवं पर्यावरण विभाग के मंत्री के प्रभार में भी हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार ने जांच के लिए अभी कोई समय सीमा तय नहीं की है, पर बाद में निश्चित तौर पर इसके लिए एक समय सीमा निर्धारित की जाएगी। इस मामले में पटना उच्च न्यायालय द्वारा गत 13 अक्तूबर को जारी निर्देश का उल्लेख करते हुए सुशील ने कहा कि सरकार अदालत को बताएगी इसे अब निगरानी विभाग को जांच के लिए सौंप दिया गया है। गत 4 अप्रैल को सुशील ने आरोप लगाया था कि लालू के छोटे पुत्र और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के 750 करोड़ रूपये की लागत से पटना में निर्माणाधीन माल की मिट्टी का इस्तेमाल संजय गांधी जैविक उद्यान में पथ निर्माण में किया जा रहा है।सुशील ने तत्कालीन वन एवं पर्यावरण मंत्री तेज प्रताप यादव पर संजय गांधी जैविक उद्यान में पथ निर्माण के कार्य में उक्त मिट्टी के इस्तेमाल का करीब 90 लाख रूपये का ठेका बिना नियमों का अनुपालन किए दिए जाने का आरोप लगाया था।

उन्होंने कहा कि बिहार वित्त संशोधन नियामवली 2016 के अनुसार 50 हजार रूपये तक की खरीद बिना कोटेशन के तथा 50 हजार के उपर 5 लाख रूपये तक की खरीदारी तीन सदस्यों वाली स्थानीय क्रम समिति की अनुशंसा पर और 5 लाख से अधिक की खरीद निविदा के माध्यम कराए जाने का प्रावधान है। नोटबंदी को लेकर प्रमुख विपक्षी पार्टी राजद की आगामी 8 नवंबर को प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित की जाने वाली रैली के बारे में सुशील ने कहा ​कि इससे यह प्रतीत होता है कि लालू प्रसाद कालेधन के समर्थक हैं। वे इसको लेकर जितना आंदोलन करेंगे, उतना ही ‘एक्सपोज’ होंगे।

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