देश में दलितों पर हो रहे अत्याचार के लिये भाजपा जिम्मेदार: सिंधिया

मुंगावली (मप्र)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में दलितों के खिलाफ अत्याचार की बढ़ रही घटनाओं के लिये भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इससे सामाजिक सौहार्द और समरसता बिखर रही है। सिंधिया ने यहां दलित सम्मेलन में दलितों पर उना में हुए हमले सहित देश के विभिन्न भागों में दलितों के खिलाफ हुए अत्याचारों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि इससे भाजपा समाज के सद्भाव और सामाजिक समरसता को तोड़ रही है। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा देश में सामाजिक समरसता को तोड़ रही है। भाजपा रोहित वेमुल्ला (हैदराबाद विश्वविद्यालय का एक दलित छात्र) की आत्महत्या पर खेद व्यक्त करने के बजाय उसकी जाति देख रही थी। मध्यप्रदेश में भाजपा के सत्ता में आने के बाद दलितों और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार की घटनाओं में वृद्धि हुई है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ उत्तर प्रदेश में भाजपा नेताओं द्वारा बसपा प्रमुख मायावती के लिये जिन शब्दों का प्रयोग किया जाता है, वह मैं यहां बोल भी नहीं सकता। यदि कोई नेता कांग्रेस में ऐसा करे तो उसे पार्टी से निकाल दिया जायेगा।’’ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए सिंधिया ने कहा, ‘‘प्रदेश में दलितों के खिलाफ अत्याचार इस स्तर तक पहुंच गया हैं कि मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में 50 दलितों ने इच्छामृत्यु की मांग की है और एक दलित महिला ने बुधनी (मुख्यमंत्री चौहान का विधानसभा क्षेत्र) में अपने बच्चे सहित खुदकुशी कर ली।’’सिंधिया ने दलित सम्मेलन में यह भी कहा कि भाजपा देश में आरक्षण व्यवस्था को समाप्त करने जा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा आरक्षण को समाप्त करना चाहती है, लेकिन हम उसे ऐसा नहीं करने देगें।’’

कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किसानों के लिये लायी गयी नई भावांतर योजना (इसके तहत प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य और सरकार द्वारा घोषित मॉडल दर के अंतर की राशि का भुगतान किया जायेगा) एक घोटाला है और इससे किसानों का कोई फायदा नहीं होगा। इससे पहले भोपाल में व्यापमं घोटाले में सीबीआई से कथित तौर पर चौहान को क्लीन चिट मिलने के सवाल पर आज सुबह सिधिंया ने कहा, ‘‘हमें अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिये। हमें सीबीआई द्वारा अदालत में जमा की गयी प्रस्तुति के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिये।’’

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