माओवादी हथियार छोड़ कर मुख्यधारा में लौटें: एम वेंकैया नायडू

रायपुर। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने माओवादियों को हथियार छोड़ मुख्यधारा में लौटने और राजनीति में आने के लिए कहा है। नायडू ने यहां छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण की 17वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित राज्योत्सव का शुभारंभ करते हुए कहा कि लोकतंत्र में बुलेट (गोली) से ज्यादा बैलेट (चुनाव) ताकतवर है। बैलेट के द्वारा परिवर्तन लाया जा सकता है। नायडू ने कहा कि अगर आपको (माओवादियों को) अपने सिद्धांतों पर विश्वास है तब आप राजनीति में आकर और चुनाव लड़कर अपने सिद्धांतों का प्रचार करें। जनता को प्रभावित करके परिवर्तन लाने का प्रयास करें।

उपराष्ट्रपति ने माओवादियों से कहा कि वह हिंसा और हथियार छोडें तथा राजनीति में ​आकर मुख्यधारा में लौटें। नायडू ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ने कम समय में लगातार तरक्की की है। जहां एक ओर यहां की तरक्की, सामाजिक—आर्थिक विकास को देखते हुए गर्व महसूस हो रहा है। वहीं दूसरी ओर कटु सच्चाई का भी सामना करना पड़ रहा है।इस राज्य में हिंसा में विश्वास करने वाले कुछ लोग हैं। इन अलगाववादी तत्वों के द्वारा की जा जाने वाली हिंसा के कारण हमने बहादूर पुलिस जवानों को खो दिया है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि लोगों को मारने से, सड़क नहीं बनने देने से, स्कूल को नष्ट करने से तथा अस्पतालों को ध्वस्त करने से परिवर्तन नहीं होगा। इसे क्रांति नाम देना भी गलत है।

इससे पहले उप राष्ट्रपति ने राज्योत्सव स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगायी गई विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। तथा राज्य की 17 वर्षों की विकास यात्रा पर केन्द्रित प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया।इससे पहले नायडू ने 47.50 करोड़ की लागत से निर्मित अरण्य भवन का भी लोकार्पण किया। राज्योत्सव के शुभारंभ के मौके पर राज्यपाल बलरामजी दास टंडन, मुख्यमंत्री रमन सिंह, विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, रायपुर के लोकसभा सांसद रमेश बैस सहित राज्य सरकार के मंत्रीगण, अनेक विधायक और वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी समारोह में शामिल हुए।

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