RJD की राष्ट्रीय परिषद बैठक में हुआ फैसला, तेजस्वी के नेतृत्व में पार्टी लड़ेगी आगामी बिहार विधानसभा चुनाव

पटना: बिहार में अगला विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार बनाम तेजस्वी यादव होगा. क्योंकि, राजद अध्यक्ष लालू यादव ने अपने दिल की इच्छा व्यक्त की थी कि तेजस्वी यादव ही राष्ट्रीय जनता दल की ओर मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे. इस बात का निर्णय पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में एक संकल्प के माध्यम से करा हो गया है. निश्चित रूप से पार्टी की मुहर लग जाने के बाद लालू यादव अपने इस मकसद में कामयाब रहे कि उनके परिवार और पार्टी में इस मुद्दे पर जिन लोगों को असंतोष या असहमति थी, वो खत्म हो गई. साथ ही तेजस्वी यादव के साथ कांग्रेस उपाध्यक्ष या भावी अध्यक्ष राहुल गांधी के संबंधो के आधार पर लालू यादव को भरोसा हैं कि कांग्रेस को इस मुद्दे पर कोई अपत्ति नहीं होगी. हालाकि, कांग्रेस ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

तेजस्वी यादव पर मुहर लग जाने के बाद लालू यादव इस बात को लेकर आश्वस्त होंगे कि अगर चारा घोटाले में जेल गये तो पार्टी की कमान तेजस्वी यादव ही सम्भालेंगे. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पूरे राजद में चुनाव की प्रक्रिया समय से पहले शुरू और समापन कराने के पीछे लालू यादव का असल मकसद यही था. तेजस्वी यादव करीब 18 महीने नीतीश कुमार मंत्रिमंडल में उप मुख्य मंत्री रहे हैं और पिछले करीब चार महीने से विपक्ष के नेता हैं. उप मुख्य मंत्री के रूप में उनके जिम्मे कई विभाग था, जिनमें पथ निर्माण विभाग प्रमुख रहा.

हालांकि, विपक्ष के नेता के रूप में तेजस्वी सोशल मीडिया के माध्यम से नीतीश सरकार के खिलाफ आक्रामक रहे हैं. फिलहाल, तेजस्वी के खिलाफ पटना में जमीन के बदले रेलवे के होटल के मामले में सीबीआई जांच चल रही है. इस मामले की जांच आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय भी कर रहा है. यह तय माना जा रहा है कि सीबीआई इस मामले में लालू यादव और राबड़ी देवी के अलावा तेजस्वी के खिलाफ भी चार्ज शीट कर सकती हैं.

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