व्यापमं घोटाला: कांग्रेस जांचकर्ताओं की जांच के लिए कोर्ट में दायर करेगी याचिका

नयी दिल्ली। सीबीआई द्वारा व्यापमं घोटाले में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को क्लीन चिट दिये जाने की पृष्ठभूमि में कांग्रेस ने आज आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के तहत यह जांच एजेंसी ‘‘कम्प्रोमाइज ब्यूरो आफ इंवेस्टीगेशन (समझौता जांच ब्यूरो)’’ बन गयी है तथा वह व्यापमं मामले में सुनवाई अदालत में निजी याचिका दायर कर ‘‘जांचकर्ता की जांच’’ करवाने का अनुरोध करेगी। बहुचर्चित व्यापमं मामले में सीबीआई ने एक विशेष अदालत में अपना आरोपपत्र दाखिल किया और वस्तुत: इस आरोप खारिज कर दिया कि एक आरोपी से जब्त कंप्यूटर हार्डडिस्क में छेड़छाड़ की गयी है जिसमें कथित तौर पर ‘‘सीएम’’ अक्षरों का जिक्र था। सीबीआई के इस कदम से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बड़ी राहत मिली जो अगले साल विधानसभा चुनाव का सामना करेंगे।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज इस मामले में कटाक्ष करते हुए भाजपा को घेरा। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘नैतिकता गई कूड़ेदान, जय स्वच्छ भारत अभियान।’’ उन्होंने इस ट्वीट के साथ उस खबर को भी टैग किया जिसमें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सीबीआई द्वारा क्लीन चिट देने की जानकारी दी गयी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सीबीआई के पास बहुत से नाम थे और उसने व्यापमं पर अब जो कुछ कहा है उससे उसका नाम अब कंप्रोमाइज ब्यूरो आफ इंवेस्टीगेशन हो गया है।’’ सिब्बल के साथ पार्टी के नेता विवेक तनखा तथा वरिष्ठ वकील एवं राज्यसभा सदस्य केटीएस तुलसी भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले में भंडाफोड़ करने वालों का साथ देगी और ‘‘जांचकर्ताओं की जांच’’ करवायेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश में जांच एजेंसी एकपक्षीय ढंग से काम कर रही है और कानून का उल्लंघन कर रही है। आप इस बात को सोच सकते हैं कि ऐसे में लोकतंत्र का क्या होगा? ’’ सिब्बल ने आरोप लगाया कि भंडाफोड़ करने वाला एक व्यक्ति ने अदालत में हलफनामा देकर यह दावा किया था कि एक आईटी विशेषज्ञ ने हार्ड डिस्क को खोला। इससे पहले इस हार्ड डिस्क की विषय सामग्री को एक पेनड्राइव में लिया गया। इसे एक स्वतंत्र प्रयोगशाला में भेजा गया। इस प्रयोगशाला की रिपोर्ट को एजेंसी ने संज्ञान में नहीं लिया।पार्टी ने यह भी मांग की कि हार्ड डिस्क को परीक्षण के लिए किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी के पास भेजा जाना चाहिए।

कांग्रेस के कानूनी प्रकोष्ठ के प्रमुख तनखा ने कहा कि इस मामले में भंडाफोड़ करने वाले की सहायत के लिए कई वकील सामने आयेंगे। तुलसी ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसा मामला नहीं देखा जिसमें 50 से अधिक गवाह मर गये। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘पिंजरे में बंद काले तोते की अब गर्दन भी मरोड़ दी गयी है।’’ सिब्बल ने कहा, ‘‘हम सुनवाई अदालत में एक निजी शिकायत करेंगे और अदालत से फिर से जांच करवाने को कहेंगे। आरोप लगाने वाला ही अब आरोपी बन जायेगा। आरोपपत्र दाखिल करने वाले के विरूद्ध आरोपपत्र दायर किया जाएगा।’

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