टीम काफी बदल गयी है लेकिन किसी भ्रम में नहीं हैं : कोहली

केपटाउन। भारतीय टीम यहां के 2013 में हुए अंतिम दौरे के बाद काफी बदल गयी है लेकिन फिर भी कप्तान विराट कोहली किसी भी ‘भ्रम में नहीं’ हैं क्योंकि वह जानते हैं कि पांच जनवरी से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरू हो रही टेस्ट सीरीज से क्या उम्मीद की जाये। कोहली ने टीम के शुरूआती अभ्यास सत्र के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, ‘‘हमें यहां जिस तरह की चुनौती मिलेगी, हम इसके लिये तैयार हैं। हम किसी भी गलतफहमी में नहीं हैं कि हमें क्या पेश किया जायेगा। पांच जनवरी आने दीजिये, हम इसके लिये तैयार हैं। ’’

भारत ने 1992 से दौरा शुरू करने के बाद दक्षिण अफ्रीका में कोई टेस्ट सीरीज नहीं जीती है और मौजूदा टीम में ऐसे 13 खिलाड़ी हैं जो यहां 2013-14 के अंतिम दौरे के दौरान खेल चुके हैं। कोहली ने कहा, ‘‘जहां तक खेल समझने की बात है तो हम अंतिम चार वर्षों में काफी आगे बढ़ चुके हैं। व्यक्तिगत रूप से मैं चार साल पहले की तुलना में अब काफी अच्छी तरह से खेल को समझता हूं। मैंने कई उतार चढ़ाव देखे हैं। हम अभी जहां भी हैं, वहां पूरी तरह से सहज हैं और व्यक्तिगत रूप से और टीम के तौर पर बेहतर स्थिति में हैं। ’’

उन्होंने काह, ‘‘हम जानते हैं कि बतौर टीम कैसे वापसी की जाये, हम जानते हैं कि जब हमें मौका बनाने की जरूरत है तो इसे कैसे बनाया जाये। पिछले चार वर्षों में टीम में स्थितियों को बेहतर तरीके से पढ़ने की समझ आ गयी है और मैं जिस उत्साह की बात कर रहा था, इस समझ से यह उत्साह बना हुआ है। पांच जनवरी को जब मैच शुरू होगा तो हम जानते हैं कि हमें क्या करने की जरूरत है। ’’

कोहली ने कहा कि उन्हें पिचों के काफी तेज और उछाल भरे होने की उम्मीद है लेकिन उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वे जोहानिसबर्ग में पिछली बार कितनी अच्छी तरह खेले थे जिसमें वे पांचवें दिन दक्षिण अफ्रीका को दूसरी पारी में आल आउट नहीं कर सके थे। भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘हां, हम यहां दक्षिण अफ्रीका आये हैं और भली भांति जानते हैं कि हमारी सरजमीं की तुलना में यहां का विकेट अलग तरह का होगा। यहां तक कि हम अंतिम बार जब यहां खेले थे तो काफी बातें हो रही थीं कि हमें शार्ट गेंद के खिलाफ जूझना पड़ेगा। लेकिन मुझे लगता है कि हमारे बल्लेबाजों ने अच्छी तरह डटकर सामना किया। ’’

कोहली को लगता है कि उनकी टीम के लाइन अप की काबिलियत से उन्हें सीरीज जीतने का भरोसा मिलता है। यह पूछने पर कि क्या वह भाग्य पर भरोसा करते हैं तो उन्होंने तुंरत जवाब दिया, ‘‘मैं नहीं जानता। हमारा सर्वश्रेष्ठ परिणाम 2010-11 में ड्रा था। मुझे लगता है कि हमारा गेंदबाजी आक्रमण जिस तरह का है और हमें जिस तरह का बल्लेबाजी अनुभव है, हम निश्चित रूप से मानते हैं कि हम यहां जीत सकते हैं। इसमें दोराय नहीं है। अगर हमारे दिमाग में यह चीज नहीं है तो मुझे नहीं लगता कि हमें फ्लाइट पकड़कर यहां आना चाहिए था।

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