डर है कहीं हम नृत्य-संगीत की संस्कृति खो न दें : सैफ

मुंबई। जानेमाने अभिनेता सैफ अली खान का कहना है कि एक वक्त था जब किसी फिल्म को सफल बनाने में संगीत की अहम भूमिका होती थी लेकिन अब इस फॉर्मूला के कारगर साबित होने को लेकर वह थोड़े आशंकित हैं। 47 वर्षीय अभिनेता ने ‘हम तुम’, ‘सलाम नमस्ते’ और ‘कॉकटेल’ जैसी कई संगीत प्रधान हिट फिल्में दी हैं। सैफ ने कहा कि बॉलीवुड में प्रयोग का दौर चल रहा है और कहीं न कहीं इसने गीत एवं नृत्य के प्रचलन को प्रभावित किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर गाने हिट हो जाते थे तो फिल्मों को शानदार शुरुआत मिलती थी। जैसे-जैसे हम उन्नति कर रहे हैं या बदल रहे हैं वैसे-वैसे फिल्मों से गाने कम होते जा रहे हैं। मैं नहीं जानता कि यह अच्छी बात है या नहीं।’’ सैफ ने कहा कि भारत के बाहरी एवं ग्रामीण इलाकों और सफर के दौरान कैब में लोग काफी हिंदी गाने सुनते हैं।

मैं नहीं जानता कि कहीं हम यह संस्कृति खो न दें। अभिनेता अपनी आगामी फिल्म ‘कालाकांडी’ के गीत ‘‘स्वैगपुर का चौधरी’’ के लॉन्च के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘यह शानदार गाना है। जब हम कोई फिल्म बनाते हैं तो इसके प्रचार के लिये हमें संगीत की जरूरत होती है जो इसे और रोचक बनाती है।’’ अक्षत वर्मा के निर्देशन में बनी यह फिल्म 12 जनवरी को रिलीज होगी।

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