बैडमिंटन में भारत की सफलता का कारण नयी तकनीक का प्रयोग : टियान होवेई

नयी दिल्ली। दुनिया के 22वें नंबर के बैडमिंटन खिलाड़ी टियान होवेई का मानना है कि भारतीय बैडमिंटन स्वर्णिम युग से गुजर रहा है और इस सफलता का कारण युवा खिलाड़ियों का नयी तकनीक का प्रयोग करने से नहीं हिचकना है। दुनिया के पूर्व नंबर छह खिलाड़ी टियान ने कहा, ‘‘पहले भारतीय खिलाड़ियों के पास कोई तकनीक नहीं थी। लेकिन अब चीजें बदल गई हैं। युवा खिलाड़ी अलग अलग तकनीक के साथ आगे आ रहे हैं, वे बैडमिंटन को एक कदम आगे ले जा रहे हैं।’’ पिछले साल आल इंग्लैंड में रजत पदक जीतने वाले चीन के 25 वर्षीय टियान का मानना है कि फिटनेस पर ध्यान देने से भी भारत में इस खेल के स्तर में सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत से कई नये खिलाड़ी सामने आ रहे हैं जो काफी अच्छे मैच खेल रहे हैं। वे जब भी खेलने उतरते हैं तो अपनी फिटनेस पर काफी ध्यान देते हैं।’’ टियान ने कहा, ‘‘वे प्रत्येक मैच के साथ कुछ नया सीखते हैं और इस पर काम करते हैं।’’ विश्व बैडमिंटन में चीन का दबदबा कम होने के बारे में पूछने पर टियान ने कहा कि यह सिर्फ एक चरण है जो गुजर जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘यह काफी सामान्य है। जैसे भारत में क्रिकेट है जो सबसे लोकप्रिय खेल है। जो खिलाड़ी अधिक अभ्यास करते हैं वे अधिक टूर्नामेंट जीतते हैं और यही कारण है कि क्रिकेट में भारत का दबदबा है।’’

टियान ने कहा, ‘‘बैडमिंटन के साथ भी ऐसा ही है, अन्य देशों के खिलाड़ी पहले से अधिक अभ्यास कर रहे हैं। वे बेहतर खेल दिखा रहे हैं। अन्य देशों का भी उस खेल पर ध्यान लगाना सामान्य है जिसमें हम अच्छे हैं। हम उम्मीद नहीं कर सकते कि हमेशा चीन का दबदबा रहे।’’ वर्ष 2018 के नये कार्यक्रम में शीर्ष खिलाड़ियों के लिए कम से कम 12 टूर्नामेंट में खेलना अनिवार्य करने के लिए विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा है। टियान ने हालांकि कहा कि इस बारे में बात करने का कोई मतलब नहीं है।

वर्ष 2009 के विश्व जूनियर चैंपियन टियान ने कहा, ‘‘मैंने इसके बारे में अधिक नहीं सोचा। हां, कार्यक्रम व्यस्त है लेकिन हमारे पास खेलने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।’’ आल इंग्लैंड 2018 से आजमाए जाने वाले नये सर्विस नियम के बारे में पूछने पर टियान ने कहा कि यह बीडब्ल्यूएफ का निष्पक्ष फैसला है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि नया सर्विस नियम निष्पक्ष फैसला है क्योंकि पहले लंबे खिलाड़ी फायदे की स्थिति में होते थे और कम लंबे खिलाड़ियों को सर्विस से परेशान करते थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसका मुझ पर असर नहीं पड़ेगा क्योंकि मैं काफी लंबा या कम लंबा नहीं हूं लेकिन मुझे लगता है कि जापान के खिलाड़ियों पर इसका असर पड़ेगा जिनकी लंबाई काफी कम है।’’ प्रीमियर बैडमिंटन लीग में दिल्ली डैशर्स की ओर से हिस्सा ले रहे चीन के पहले खिलाड़ी टियान ने उम्मीद जताई कि उनकी टीम यह प्रतियोगिता जीतने में सफल रहेगी।

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