स्पाइसजेट ने कोर्ट से कहा, सिर्फ इंडिगो के लिए नहीं हो सकता टी-1

नयी दिल्ली। बजट एयरलाइंस स्पाइसजेट ने आज दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के टर्मिनल-1 (टी-1) को खास तौर पर इंडिगो एयरलाइंस के लिये नहीं रखा जा सकता क्योंकि ऐसा करना प्रतिस्पर्धा विरोधी होगा। इंडिगो ने दूसरी तरफ अदालत में कहा कि वह टी-1 में पूरी तरह रहने के अपने विकल्प को नहीं छोड़ सकती और अगर भविष्य में उसके यात्रियों की संख्या टर्मिनल की क्षमता से ज्यादा हुई तो वह कुछ परिचालन टी-2 में ले जा सकती है।

उसने दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल) के उस आदेश को स्वीकार करने से इनकार कर दिया जिसमें उसने इंडिगो से अपने परिचालन का कुछ हिस्सा टी-2 में ले जोने कहा है। उसने कहा कि उसके टी-1 में बने रहने और गोएयर तथा स्पाइसजेट को टी-2 में भेजने के सुझाव पर कभी विचार नहीं किया गया। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति हीमा कोहली और रेखा पल्ली की पीठ कर रही है। पीठ ने इंडिगो की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा है।

इंडिगो ने अपनी याचिका में एकल न्यायाधीश के 20 दिसंबर 2017 के आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उन्होंने डीआईएएल के तीनों एयरलाइंस के परिचालन को आंशिक रूप से टी-1 से टी-2 स्थानांतरित करने फैसले को सही करार दिया था।

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