इस ‘अंखियों से गोली मारने’ के क्या मायने ?

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जब देश का बैंकिंग सिस्टम शर्म के मारे आंखें चुरा रहा था तब इस मुल्क का यंगिस्तान पीएनबी बैंक महाघोटाले से बेखबर एक ‘आंख मारने वाली लड़की’ का प्रोफाइल सर्च करने में डूबा था। जिस लड़की दो दिन पहले तक चंद लोग ही जानते थे, उसी के कुछ घंटों में इंस्टाग्राम पर 20 लाख से ज्यादा फालोअर हो गए। इस लड़की ने एक वीडियो क्लिप में जो गाना गाया, उससे कुछ लोगों की ‘भावनाएं भी आहत’ हो गईं। एक मुस्लिम युवा ने हैदराबाद में लड़की और ‍िफल्म निर्देशक के खिलाफ मुकदमा भी कायम करा ‍िदया तो इधर होशंगाबाद में  एक लोकल भाजपा नेता संजीव मिश्रा ने इस गाने को देश के लिए खतरा मानते हुए पीएम को चिट्ठी लिख डाली कि गाने पर बैन लगाया जाए। दूसरी तरफ हिंदुस्तान तो क्या पाकिस्तान के लोग भी ‘आंख मारकर’ मोहब्बत का बेबाकी से इजहार करने वाली इस हसीना पर फिदा हुए जा रहे थे। टीवी चैनलों ने इस पर इतनी ‘गंभीर’ चर्चा कराई कि लगा देश के 11 हजार करोड़ डूब गए तो क्या हुआ,किसी का ‍िदल डूबना उससे ज्यादा शाॅकिंग है।

ताजा मामला मलयाली अभिनेत्री प्रिया प्रकाश वारियर का है। कल तक उसे केरल में भी ज्यादा लोग नहीं जानते थे। वह त्रिशूर के विमला काॅलेज की बी.काॅम। की छात्रा है और माॅडल भी है। उसे मलयाली फिल्म निर्देशक उमर लूलू ने अपनी फिल्म ‘अोरू आदार लव’ में हिरोइन का रोल दिया। यह फिल्म 1 मार्च को रिलीज होनी है।  फिल्म के प्रमोटर्स ने फिल्म का 3.16 मिनट का एक ट्रेलर यू-ट्यूब पर शेयर किया था। इसके जारी होते ही मानो देश में आग सी लग गई। इस फिल्म का एक गाना ‘माणिक्य मलराया पूवी’ काफी चर्चित हो रहा है। इस गाने पर कुछ मुस्लिमों को आपत्ति है कि गाने को अगर इंग्लिश में ट्रांसलेट करें तो इससे पैगम्बर साहब की बेअदबी होती है। सो इसके खिलाफ एक मामला हैदराबाद  पुलिस में दर्ज हुआ। इसी गाने के आखिरी हिस्से में दो किशोर प्रेमी आंखों के जरिए अपने इश्क का इजहार करते नजर आ रहे हैं। हालांकि आंखों की यह लाग-डांट किसी रसीले तबला वादन सी है। इसमे कोई अश्लीलता नहीं है, बस लड़कपन की शरारत है। लेकिन जैसे ही यह वीडियो क्लिप वायरल हुई, देश मानो  प्रिया के पीछे ही पड़ गया। यह लड़की सोशल मीडिया की सबसे बड़ी सेंसेशन बन गई। उसे ‘नेशनल क्रश’ की संज्ञा दे दी गई। दरअसल इस वीडियो सॉन्ग में स्कूली बच्चों को  प्यार में पड़ते हुए दिखाया गया है। वीडियो में आखिर के 30 सेकेंड में प्रिया लड़के को देखती है, आईब्रो उठाती है और लड़का उसे देखता है वह एकदम से आंख मारती है। मानो बंदूक से गोली चली हो। प्रिया का यह आंख मारना इतना आसान और सस्ता भी नहीं है। उसने जिस कुशलता से आंखों और भौंहों का संचालन किया है, वैसा कथकली नर्तकों में देखा जाता है।

वीडियो देखकर लगता है कि प्रिया ने सहज अभिनय किया है। उसके चेहरे और भावों में अपील है। लेकिन इस आंख मारने ने जिस ‘भयावह’ तरीके से प्रिया की लोकप्रियता को आसमान पर पहुंचा‍ ‍िदया है, वह युवा पीढ़ी की सोच और सोशल मीडिया के जुनून को रेखांकित करता है। प्रिया की इस अचानक बढ़ी पापु‍लरिटी से उसके घरवाले भी घबरा गए। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि क्या करें। प्रशंसकों से बचाने के लिए घरवालों ने प्रिया को काॅलेज होस्टल भेज दिया। वैसे सोशल मीडिया के जरिए रातोरात मशहूर हो जाने वाली और भी लड़कियां हैं, जैसे रैप क्वीन ढिंचैक पूजा, फोर जी एड का विज्ञापन करने वाली साशा छेत्री, कश्मीर की सायमा मीर, नेपाल की ‘सब्जीवाली’ श्रेष्ठा, ऐसे ही कुछ नाम हैं।

इस ‘आंख मारू’ प्रकरण से फिर खुलासा हुआ कि इस देश में भारत क्या सोचता है और इंडिया क्या सोचता है। समाज का क्या समझता है और यंगिस्तान किस दुनिया में जीता है। एक जरा से ट्वीट पर जिस राकेट से भी ज्यादा तेजी से ट्वीट रिट्वीट होते हैं या फिर दूसरी साइट्स पर फालोइंग होती है, उससे कई बार लगता है कि लोगों के पास कुछ और काम है भी या नहीं। प्रिया की ‘आंखो से गोली चलने’ का यह प्रसंग भी बेकार का विवाद था। क्योंकि फिल्मों में हिरोइन का आंख मारना कोई अनहोनी बात नहीं है। हकीकत में यह पूरा वीडियो फिल्म प्रमोशन का हिस्सा था। ले‍किन उसे भी लोगों ने अनावश्यक  गंभीरता से ले लिया। इससे यह गारंटी तो पक्की हो गई कि फिल्म चलेगी। जल्द ही हमे इसका हिंदी रिमेक बनता भी सुनाई दे सकता है। क्योंकि प्रिया के चेहरे की मासूमियत को हर फिल्म निर्माता बाॅक्स आफिस पर भुनाना चाहेगा। कहा तो यह भी जा रहा है कि खुद मलयाली सिनेमा भी ‘युवा’ हो गया है। वो युवा जो सिने इंडस्ट्री में कुछ नया कर रहे हैं, नया सोच रहे हैं, नया देख रहे हैं और नया दिखा भी रहे हैं। वो नया जो लीक से हटकर है। पारंपरिक सोच के लिहाज से प्रिया और फिल्म के किशोर लड़के के बीच यह नैन मटक्का अश्लील लग सकता है। लेकिन लातों की भाषा समझने वाले आंखों की जबान नहीं समझ सकते। वो कामदेव के नयनबाण की तारीफ कर सकते हैं, लेकिन प्रिया का नैनालाप’ उन्हें युवा पीढ़ी को बिगाड़ने वाला लग सकता है। जबकि खुद युवा पीढ़ी इसी की दीवानी हुई जा रही है। जाहिर है कि देश दो मानसिकताअो में जी रहा है। 11 हजार करोड़ के बैंक महाघोटाले ने युवाअोंको कोई खास उद्वेलित नहीं किया। इस घोटाले को सोशल मीडिया पर सर्च करने वाले लोगों की संख्या कम ही थी, लेकिन प्रिया का नैन संधान ज्यादातर की जिज्ञासा का विषय था। यूं दोनो का आपस में कोई रिश्ता नहीं है। लेकिन यह समाज की उस सोच को दर्शाता है कि हम कैसा देश गढ़ रहे हैं।  ऐसा देश जहां ‘आंखों से गोली मारना’ किसी ‘बैंक डकैती’ से ज्यादा अहम और आंदोलित करने वाला है।

 

 

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